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BRICS समिट में उठा पहलगाम हमले का मुद्दा तो पीड़ित परिवार ने कहा- सिर्फ प्रस्ताव नहीं, असली कार्रवाई चाहिए

Brics summit 2026: ब्रिक्स समिट में पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई। इस पर पीड़ित परिवारों ने कहा- सिर्फ प्रस्ताव नहीं, असली कार्रवाई चाहिए।
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Sep 13, 2026
BRICS Summit
BRICS समिट (बाएं) और पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशान्या द्विवेदी। (फोटो- IANS)

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए दिल दहला देने वाले आतंकवादी हमले की याद अभी भी ताजा है। पिछले साल अप्रैल में यह घटना हुई थी। इस आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी।

अब ब्रिक्स देशों के दिल्ली सम्मेलन में पारित घोषणा पत्र ने इन परिवारों के घावों पर थोड़ी मरहम लगाई है। इसमें आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात साफ कही गई है।

शोक संतप्त परिवारों का छलका दर्द

ब्रिक्स में पहलगाम हमले का मुद्दा उठने पर पीड़ित परिवारों का दर्द छलक उठा है। शादी के कुछ ही दिनों बाद विधवा हो गईं ऐशान्या द्विवेदी ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया के बड़े मंच पर इस मुद्दे को उठाया। उनके पति शुभम द्विवेदी ने उसी हमले में जान गंवाई थी।

ऐशान्या ने एएनआई से बात करते हुए कहा- मैं 26 परिवारों की तरफ से प्रधानमंत्री जी का दिल से शुक्रिया अदा करती हूं। उन्होंने भारत से ही आतंकवाद जैसे बड़े मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया। इससे लगता है कि सरकार हमारे प्रियजनों की कुर्बानी का सम्मान कर रही है और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाती रहेगी।

असली कार्रवाई जरूरी

ऐशान्या ने यह भी बताया कि ब्रिक्स जैसे बड़े सम्मेलन में कई देशों के नेताओं ने एक साथ आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाई। खास बात यह रही कि किसी खास धर्म पर हमला करके आतंक फैलाने की प्रवृत्ति की भी निंदा की गई।

इस बीच, शुभम के पिता संजय द्विवेदी ने भी सरकार के कदम पर राहत जताई। उन्होंने कहा- परिवारों को संतुष्टि मिली है। प्रधानमंत्री और सरकार का आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष अब दुनिया का समर्थन पा रहा है। लेकिन सिर्फ प्रस्ताव पास करने से आतंक खत्म नहीं होता। बड़े देशों को भी समझना होगा कि असली कार्रवाई जरूरी है।

ब्रिक्स घोषणा पत्र में क्या लिखा?

शनिवार को नई दिल्ली में हुए 18वें ब्रिक्स सम्मेलन में अपनाए गए न्यू दिल्ली घोषणा पत्र 2026 में पाहलगाम हमले की सबसे कड़ी शब्दों में निंदा की गई। 22 अप्रैल 2025 को हुए इस हमले में 26 लोग मारे गए और कई घायल हुए थे।

घोषणा पत्र में कहा गया कि आतंकवाद के हर रूप के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। सीमा पार आतंकवादियों की आवाजाही, आतंक की फंडिंग और सुरक्षित ठिकानों को खत्म करने पर जोर दिया गया। साथ ही आतंकवाद के खिलाफ दोहरे मापदंड न अपनाने की अपील भी की गई।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत-ब्राजील को बड़ा रोल

घोषणा पत्र में भारत और ब्राजील की संयुक्त राष्ट्र में बड़ी भूमिका की आकांक्षा का भी समर्थन किया गया। चीन और रूस, जो सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य हैं, उन्होंने भारत और ब्राजील को और ज्यादा प्रतिनिधित्व देने की बात दोहराई। ब्रिक्स नेताओं ने सुरक्षा परिषद को और लोकतांत्रिक, प्रभावी और विकासशील देशों को ज्यादा जगह देने वाले सुधारों का भी समर्थन जताया।

Updated on:
13 Sept 2026 09:57 am
Published on:
13 Sept 2026 09:57 am