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BRICS Summit: ‘अब पुतिन भारत आ गए हैं, बहुत कुछ बदलने वाला है’, रूसी पत्रकार का बड़ा बयान

BRICS Summit: ब्रिक्स समिट में पुतिन की भारत यात्रा पर रूसी पत्रकार एकातेरिना नादोल्स्काया का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने साफ कहा कि अब बहुत कुछ बदलने वाला है।
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Updated: 12 Sep 2026, 6:39 PM IST
PM Modi Putin Meeting
नरेंद्र मोदी-व्लादिमीर पुतिन(फोटो-ANI)

BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में चल रहे ब्रिक्स समिट में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मौजूदगी ने सबका ध्यान खींचा है। इस बीच रूसी पत्रकार एकातेरिना नादोल्स्काया ने बड़ा बयान दिया है।

उन्होंने साफ कहा कि अब कई चीजें बदलने वाली हैं। तीन साल पहले जी20 समिट में जब वे भारत आई थीं तो कई देशों के लोग उनसे पूछते थे कि पुतिन क्यों नहीं आए। इस बार पुतिन खुद दिल्ली पहुंच गए हैं। यही फर्क है।

क्या-क्या बदलने की उम्मीद?

नादोल्स्काया ने समिट के साइडलाइंस पर बात करते हुए कहा कि इस मुलाकात के बाद भारत और रूस के बीच आर्थिक, बैंकिंग और सांस्कृतिक क्षेत्रों में रिश्ते और मजबूत होंगे। बैंकिंग व्यवस्था और व्यापार समाधान के नए तरीके तेजी से आगे बढ़ सकते हैं। बहुत कुछ बदलने वाला है।

उन्होंने भारतीय संस्कृति, खाने और डांस की तारीफ की। रूस में कई भारतीय रेस्तरां चल रहे हैं और लोग भारतीय खाना बहुत पसंद करते हैं। इस बीच, उन्होंने भारतीयों को सेंट पीटर्सबर्ग आने का न्योता भी दिया।

नई दिल्ली घोषणा 2026 को सर्वसम्मति से अपनाया गया

रूसी पत्रकार ने कहा- सेंट पीटर्सबर्ग शहर भी मुंबई, दिल्ली या बंगलुरु जैसा ही अच्छा है। रूसी लोगों को भारतीय बहुत पसंद हैं। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में ब्रिक्स नेताओं ने नई दिल्ली घोषणा 2026 को सर्वसम्मति से अपनाया। कोई भी सदस्य देश इसका विरोध नहीं कर सका।

घोषणा में बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत बनाने, विवादों को बातचीत और कूटनीति से सुलझाने पर जोर दिया गया है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई गई और संयम बरतने की अपील की गई।

भारत व ब्राजील की सुरक्षा परिषद में बड़ी भूमिका पर सहमति

घोषणा में यूनाइटेड नेशंस में सुधार की मांग दोहराई गई। खासकर सुरक्षा परिषद को ज्यादा लोकतांत्रिक और प्रतिनिधित्व वाला बनाने की बात कही गई ताकि ग्लोबल साउथ की आवाज और तेज हो।

चीन और रूस ने भारत व ब्राजील की सुरक्षा परिषद में बड़ी भूमिका की आकांक्षा का समर्थन दोहराया। ब्रेटन वुड्स संस्थानों और विश्व व्यापार संगठन में भी सुधार की जरूरत बताई गई।

टैरिफ को लेकर जताई गई चिंता

एकतरफा टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं पर गंभीर चिंता जताई गई जो व्यापार को बिगाड़ती हैं। समिट में 11 सदस्य देशों के नेता शामिल हुए। इसमें ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और यूएई शामिल हैं। नेताओं ने परिवार के साथ फोटो खिंचवाई, पेड़ लगाए और भारत के इनोवेशन एग्जीहिबिशन का दौरा किया।

Updated on:
12 Sep 2026, 6:39 PM IST
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