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Maharashtra: घर की खिचड़ी खाई, 24 घंटे में चली गई 2 मासूम भाई-बहन की जान, मां को 10 घंटे तक नहीं बताई बेटी की मौत

Food Poisoning Case: खिचड़ी खाने के बाद तबीयत बिगड़ने से एक ही परिवार के दो मासूम भाई-बहन की 24 घंटे के भीतर मौत हो गई। दोनों बच्चों की मौत से परिवार में मातम छा गया और मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है।
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मुंबई

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Rakesh Mishra

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Updated: 12 Sep 2026, 6:37 PM IST

Food Poisoning Case

प्रतीकात्मक तस्वीर

छत्रपती संभाजीनगर। चिंचोली लिंबाजी गांव में घर में बनी खिचड़ी खाने के बाद दो मासूम भाई-बहन की मौत हो गई। परिवार के चार सदस्यों को उल्टी और दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया था। इलाज के दौरान पहले दो साल के बेटे की मौत हुई और उसके करीब 24 घंटे बाद छह साल की बहन ने भी दम तोड़ दिया। इस घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। जानकारी के अनुसार, चिंचोली लिंबाजी निवासी नारायण साहेबराव थोटे (35), उनकी पत्नी देवशाला (30), बेटी गायत्री (6) और बेटा आयुष (2) ने घर में बनी खिचड़ी खाई थी।

चारों सदस्यों की तबीयत अचानक बिगड़ी

खिचड़ी खाने के कुछ घंटे बाद परिवार के चारों सदस्यों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी को उल्टी और दस्त होने लगे। कुछ ही समय में दोनों बच्चों की हालत ज्यादा खराब हो गई। परिजनों ने दोनों बच्चों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की तैयारी की। दो साल के आयुष की हालत गंभीर होने पर उसे सिल्लोड ले जाया जा रहा था। अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। मासूम बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

बेटी ने भी दम तोड़ा

इधर, छह साल की गायत्री की हालत भी गंभीर थी। उसे छत्रपति संभाजीनगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने के लिए उपचार शुरू किया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। उसकी हालत गंभीर बनी रही। अगली सुबह गायत्री ने भी दम तोड़ दिया। एक ही परिवार के दो बच्चों की मौत से चिंचोली लिंबाजी गांव में मातम पसर गया। महज एक दिन के भीतर दोनों बच्चों को खोने से माता-पिता और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है।

गहरे सदमे में मां

बेटे आयुष की मौत के बाद उसकी मां देवशाला पहले ही गहरे सदमे में थीं। इसी बीच गायत्री की हालत लगातार बिगड़ती गई। रिश्तेदारों को डर था कि अगर मां को बेटी की मौत की जानकारी तुरंत दी गई तो वह यह दूसरा बड़ा सदमा सहन नहीं कर पाएंगी। इसी वजह से परिजनों ने करीब 10 घंटे तक गायत्री की मौत की बात मां से छिपाकर रखी। जब मां को बेटी की मौत की जानकारी दी गई तो परिवार का दर्द और बढ़ गया। एक मां ने कुछ ही समय के भीतर अपने दोनों बच्चों को खो दिया। घर में जहां बच्चों की आवाजें गूंजती थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। वहीं दोनों बच्चों की मौत के सही कारणों को लेकर जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।