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ब्रिटेन में तैयारीः एआई संभाल सकता है जेलों की कमान, कैदियों पर रखेगा नजर

UK jail AI system: ब्रिटेन में जेलों की सुरक्षा और कैदियों की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और माइक्रोचिप जैसी तकनीकों के इस्तेमाल पर विचार किया जा रहा है। बड़ी टेक कंपनियों के सुझावों ने इस चर्चा को और तेज कर दिया है, हालांकि इससे निजता और मानवाधिकारों को लेकर गंभीर सवाल भी उठ रहे हैं।
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Jun 04, 2026
Jabalpur CBI Court sentences 4 senior SECL officials
Jabalpur CBI Court sentences 4 senior SECL officials

Britain jail AI surveillance: जेलों की सुरक्षा और कैदियों की निगरानी के लिए भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को मैदान में उतारा जा सकता है। पिछले साल ब्रिटेन के जेल मंत्री लॉर्ड टिम्पसन के साथ हुई एक विशेष बैठक में कई बड़ी टेक कंपनियों के प्रतिनिधियों ने ये सुझाव दिए थे। इस बैठक में अमेजन, गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्गज कंपनियां भी थीं। इस दौरान आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने के लिए त्वचा में माइक्रोचिप लगाने का विचार भी रखा गया।

इस संबंध में कंपनियों का कहना है कि एआई की मदद से यह अनुमान लगाने में मदद मिल सकती है कि कौन-से अपराधी भविष्य में क्या और कितना खतरा पैदा कर सकते हैं। फिलहाल कंपनियों के इस तरह के सुझाव को आलोचक बेहद चिंताजनक और डरावना बता रहे हैं।

कैदियों को ले जाने के लिए रोबोट

चर्चा के दौरान जेलों में कैदियों की आवाजाही के लिए रोबोटिक्स के इस्तेमाल की भी बात हुई। कैदियों को यहां से वहां ले जाने के लिए सेल्फ-ड्राइविंग वाहनों का उपयोग और एआई के जरिए किसी व्यक्ति से भविष्य में संभावित खतरे का आकलन करने जैसी बातों पर जोर दिया गया। हालांकि, ब्रिटिश सरकार ने अभी किसी प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है।

संगठन की पहल से बाहर आई सच्चाई

बैठक पिछले साल हुई थी, लेकिन इसकी जानकारी अब बाहर आई है। इस जानकारी को सार्वजनिक करने में 'फॉक्सग्लोव' संगठन की अहम भूमिका रही। यह संगठन सरकारों और कंपनियों द्वारा तकनीक के दुरुपयोग को उजागर करने के लिए जाना जाता है। इसने सूचना के अधिकार के तहत आवेदन देकर बैठक में हुई चर्चाओं का विवरण हासिल किया।

निजी स्वतंत्रता, गोपनीयता पर सवाल

मानवाधिकार और निजता के समर्थकों का मानना है कि यदि भविष्य में ऐसी तकनीकों को लागू किया जाता है तो इससे व्यक्तिगत स्वतंत्रता, गोपनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं और दुरुपयोग की आशंका भी बढ़ सकती है। वहीं, इस मामले में समर्थकों का तर्क है कि जेलों में बढ़ती भीड़, अपराध की रोकथाम, संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्नत तकनीकों का उपयोग अहम भूमिका निभा सकता है, जिससे सिस्टम अधिक प्रभावी और आधुनिक बन सके।

Updated on:
04 Jun 2026 03:57 am
Published on:
04 Jun 2026 03:56 am