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PM मोदी 8 सितंबर को WDFC के 3 सेक्शन करेंगे राष्ट्र को समर्पित, JNPT-दादरी कॉरिडोर हुआ पूरा

Indian Railways: PM मोदी 8 सितंबर को WDFC के तीन सेक्शन राष्ट्र को समर्पित करेंगे। 326 किमी लंबे इन सेक्शन पर 20,700 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए हैं। JNPT-दादरी WDFC पूरा हो गया है।
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भारत

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Gajanand Prajapat

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Updated: 7 Sep 2026, 10:16 PM IST

Western Dedicated Freight Corridor

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो-ANI)

Dedicated Freight Corridor: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 सितंबर को वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के तीन अहम सेक्शन राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन तीनों सेक्शन की कुल लंबाई 326 रूट किलोमीटर है और इनके निर्माण पर 20,700 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए हैं। इन तीन सेक्शन में सानंद (नॉर्थ)-मकरपुरा, न्यू उमरगांव-न्यू सफाले और न्यू सफाले-जवाहरलाल नेहरू पोर्ट टर्मिनल (JNPT) शामिल हैं।

JNPT से दादरी तक पूरा हुआ वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर

इन सेक्शन के पूरा होने के बाद JNPT से दादरी तक पूरा वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर तैयार हो गया है। इसके अलावा लुधियाना से सोननगर तक ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (EDFC) भी पूरा हो चुका है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर मिलकर देश के परिवहन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की अहम रीढ़ बनेंगे।

अश्विनी वैष्णव ने गिनाईं परियोजना की चुनौतियां

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 2014 से पहले इस परियोजना पर जमीन पर काम पूरा नहीं हुआ था। उनके मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लंबे समय से अटके मुद्दों को सुलझाकर और अलग-अलग सेक्शन की चुनौतियों को दूर करते हुए परियोजना को आगे बढ़ाया गया। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के पूरा होने से देश में माल ढुलाई की क्षमता बढ़ाने और परिवहन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

वडोदरा-रतलाम के बीच तीसरी-चौथी रेल लाइन की आधारशिला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वडोदरा और रतलाम के बीच तीसरी और चौथी रेलवे लाइन की आधारशिला भी रखेंगे। इस परियोजना के जरिए इस रेल रूट की क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और अतिरिक्त रेलवे लाइनों जैसी परियोजनाओं से देश के माल परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

माल ढुलाई में बढ़ेगी क्षमता, तेज होगी आवाजाही

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के पूरा होने से देश के माल परिवहन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इससे माल ढुलाई की क्षमता बढ़ने, परिवहन व्यवस्था अधिक कुशल होने और सामान की आवाजाही तेज होने की उम्मीद है। WDFC और EDFC के पूरा होने के साथ देश में माल ढुलाई के लिए अलग रेल नेटवर्क का बड़ा हिस्सा तैयार हो चुका है, जिससे भविष्य में माल परिवहन की क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।