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सत्य निकेतन हादसा: NSUI अध्यक्ष का सरकार पर आंकड़े छिपाने का आरोप, बोले- अस्पताल में 11 लाशें थीं, तो सिर्फ 7 मौतें कैसे?

NSUI Protest: सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के बाद NSUI कार्यकर्ताओं ने दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस मेट्रो स्टेशन के पास प्रदर्शन किया। NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने दिल्ली यूनिवर्सिटी में हॉस्टल बनाने, PG के लिए कानून और किराया नियंत्रण व्यवस्था लागू करने की मांग की। उन्होंने सरकार पर मौतों की संख्या छिपाने का आरोप भी लगाया।
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नई दिल्ली

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Anand Shekhar

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Updated: 7 Sep 2026, 9:42 PM IST

Satya Niketan Building Collapse, NSUI Protest, Delhi University Hostel, Rent Control Act

NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ (फोटो- ANI)

Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंज़िला PG बिल्डिंग के गिरने से हुई मौतों के बाद छात्रों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया है। सोमवार शाम को नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस मेट्रो स्टेशन के बाहर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने दिल्ली प्रशासन और सरकार पर मौतों के आधिकारिक आंकड़ों को छिपाने का आरोप लगाया। जाखड़ ने दावा किया कि जब वे अस्पताल पहुंचे थे तो वहां 11 शव मौजूद थे, जबकि प्रशासन केवल सात मौतों की पुष्टि कर रहा है।

आंकड़ें छिपाने का आरोप

प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा, "जब हम वहां यूनिवर्सिटी से संबद्ध अस्पताल पहुंचे, तो वहां 11 लाशें रखी हुई थीं। सरकार यह कैसे कह सकती है कि सिर्फ सात मौतें हुई हैं? यह सरासर झूठ बोला जा रहा है और सरकार सच छिपा रही है। इस लीपापोती के पीछे कौन है? जो भी लोग इसके जिम्मेदार हैं, उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।"

DU में हॉस्टल की कमी पर उठाए सवाल

दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रशासन और सरकार पर निशाना साधते हुए जाखड़ ने सवाल किया कि DU ने पिछले दशक में छात्रों के लिए एक भी नया हॉस्टल क्यों नहीं बनाया। उन्होंने कहा कि दूर-दराज के गांवों और गरीब परिवारों के छात्र बहुत ज्यादा किराए के कारण जर्जर और अवैध PG में रहने को मजबूर हैं। दो छात्रों के लिए बनी जगह में छह-छह छात्रों को मवेशियों की तरह ठूंसकर रखा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन अवैध PG चलाने वालों को राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है।

रेंट कंट्रोल एक्ट बनाने की मांग

म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली (MCD) के कामकाज पर सवाल उठाते हुए छात्र नेता ने आरोप लगाया कि MCD सुरक्षा नियमों की अनदेखी करके 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) जारी कर रहा है और इस प्रक्रिया को सब्जी मंडी की नीलामी की तरह हल्के में ले रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि PG संचालकों से जुड़ी मासिक वसूली का नेटवर्क स्थानीय पुलिस स्टेशनों से लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर तक फैला हुआ है। जाखड़ ने दिल्ली में सभी अवैध PG और हॉस्टलों की तुरंत जांच, खतरनाक इमारतों को सील करने और मनमाने ढंग से किराया बढ़ाने पर रोक लगाने के लिए सख्त 'रेंट कंट्रोल एक्ट' बनाने की मांग की।

DUSU चुनाव में हॉस्टल का मुद्दा अहम होगा

आगामी छात्र संघ चुनाव पर विनोद जाखड़ ने कहा कि सुरक्षा, हॉस्टल का निर्माण, पौष्टिक भोजन और सस्ती शिक्षा जैसे मुद्दे हमेशा उनके एजेंडे का हिस्सा रहे हैं और आगामी DUSU चुनाव में इन्हें प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक DU में पर्याप्त हॉस्टल नहीं बन जाते और किराया नियंत्रण कानून लागू नहीं हो जाता। इसके अलावा, उन्होंने मांग की कि दिल्ली के मुख्यमंत्री इस हादसे की नैतिक जिम्मेदारी लें, प्रभावित परिवारों को मुआवजा दें और अस्पताल में भर्ती घायल छात्रों के लिए बेहतर और मुफ्त इलाज सुनिश्चित करें।