
NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ (फोटो- ANI)
Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंज़िला PG बिल्डिंग के गिरने से हुई मौतों के बाद छात्रों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया है। सोमवार शाम को नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस मेट्रो स्टेशन के बाहर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने दिल्ली प्रशासन और सरकार पर मौतों के आधिकारिक आंकड़ों को छिपाने का आरोप लगाया। जाखड़ ने दावा किया कि जब वे अस्पताल पहुंचे थे तो वहां 11 शव मौजूद थे, जबकि प्रशासन केवल सात मौतों की पुष्टि कर रहा है।
प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा, "जब हम वहां यूनिवर्सिटी से संबद्ध अस्पताल पहुंचे, तो वहां 11 लाशें रखी हुई थीं। सरकार यह कैसे कह सकती है कि सिर्फ सात मौतें हुई हैं? यह सरासर झूठ बोला जा रहा है और सरकार सच छिपा रही है। इस लीपापोती के पीछे कौन है? जो भी लोग इसके जिम्मेदार हैं, उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।"
दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रशासन और सरकार पर निशाना साधते हुए जाखड़ ने सवाल किया कि DU ने पिछले दशक में छात्रों के लिए एक भी नया हॉस्टल क्यों नहीं बनाया। उन्होंने कहा कि दूर-दराज के गांवों और गरीब परिवारों के छात्र बहुत ज्यादा किराए के कारण जर्जर और अवैध PG में रहने को मजबूर हैं। दो छात्रों के लिए बनी जगह में छह-छह छात्रों को मवेशियों की तरह ठूंसकर रखा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन अवैध PG चलाने वालों को राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है।
म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली (MCD) के कामकाज पर सवाल उठाते हुए छात्र नेता ने आरोप लगाया कि MCD सुरक्षा नियमों की अनदेखी करके 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) जारी कर रहा है और इस प्रक्रिया को सब्जी मंडी की नीलामी की तरह हल्के में ले रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि PG संचालकों से जुड़ी मासिक वसूली का नेटवर्क स्थानीय पुलिस स्टेशनों से लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर तक फैला हुआ है। जाखड़ ने दिल्ली में सभी अवैध PG और हॉस्टलों की तुरंत जांच, खतरनाक इमारतों को सील करने और मनमाने ढंग से किराया बढ़ाने पर रोक लगाने के लिए सख्त 'रेंट कंट्रोल एक्ट' बनाने की मांग की।
आगामी छात्र संघ चुनाव पर विनोद जाखड़ ने कहा कि सुरक्षा, हॉस्टल का निर्माण, पौष्टिक भोजन और सस्ती शिक्षा जैसे मुद्दे हमेशा उनके एजेंडे का हिस्सा रहे हैं और आगामी DUSU चुनाव में इन्हें प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक DU में पर्याप्त हॉस्टल नहीं बन जाते और किराया नियंत्रण कानून लागू नहीं हो जाता। इसके अलावा, उन्होंने मांग की कि दिल्ली के मुख्यमंत्री इस हादसे की नैतिक जिम्मेदारी लें, प्रभावित परिवारों को मुआवजा दें और अस्पताल में भर्ती घायल छात्रों के लिए बेहतर और मुफ्त इलाज सुनिश्चित करें।
Updated on:
07 Sept 2026 09:42 pm
Published on:
07 Sept 2026 09:42 pm
