
सत्य निकेतन इमारत हादसे के बाद समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते दिल्ली के उपराज्यपाल तारणजीत सिंह संधू। (Photo: ANI)
Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में PG की इमारत गिरने से 7 लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने राजधानी में छात्रों के रहने की जगहों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। दिल्ली के उपराज्यपाल तारणजीत सिंह संधू ने सभी PG इलाकों की इमारतों की एक हफ्ते के भीतर जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
LG ने सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, शहरी विकास मंत्री आशीष सूद और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में सत्य निकेतन हादसे के बाद उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई। इस दौरान LG ने दिल्ली के उन इलाकों में जांच के निर्देश दिए, जहां बड़ी संख्या में PG चलते हैं। इन इमारतों की मजबूती और सुरक्षा की जांच एक हफ्ते के भीतर पूरी करने को कहा गया है। LG ने यह भी कहा कि ऐसी इमारतों पर नियमों के तहत कार्रवाई होनी चाहिए, जहां बिना जरूरी सुरक्षा इंतजाम के PG चल रहे हैं।
LG ने अधिकारियों को बिना सोचे-समझे बड़े पैमाने पर इमारतों को सील करने से बचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई से छात्रों के सामने रहने की समस्या खड़ी हो सकती है। उन्होंने PG में रहने वाले छात्रों की समस्याओं और उनकी सुरक्षा पर भी ध्यान देने को कहा।
शहरी विकास मंत्री आशीष सूद की अगुवाई में एक समिति बनाने का निर्देश दिया गया है। यह समिति PG से जुड़े नियमों की समीक्षा करेगी। समिति यह भी देखेगी कि विश्वविद्यालयों के जरिए छात्रों के लिए रहने की वैकल्पिक व्यवस्था कैसे बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा DDA और MCD की खाली पड़ी इमारतों का इस्तेमाल छात्रों के रहने के लिए किया जा सकता है या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी।
बैठक में PG में रहने वाले छात्रों का एक विस्तृत रिकॉर्ड तैयार करने पर भी सहमति बनी। जून में बनाई गई समिति को PG में रहने वाले छात्रों से संपर्क कर उनकी समस्याएं और शिकायतें सुनने के लिए कहा गया है। LG ने यह भी कहा कि राजधानी में छात्रों के लिए हॉस्टल की मांग और उपलब्ध सुविधाओं के बीच बड़ा अंतर है। इसे देखते हुए छात्रों के लिए हॉस्टल की संख्या बढ़ाने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली सरकार ने बैठक में कहा कि इमारतों की सुरक्षा की जांच प्राथमिकता है। MCD को अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और ऐसे निर्माण को रोकने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, किसी बड़ी घटना की स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाने के लिए DDMA कंट्रोल रूम को भी तुरंत शुरू करने को कहा गया है। इसमें संपर्क नंबर, राहत-बचाव कार्य, अस्पताल में इलाज और पीड़ितों के परिवारों से संपर्क करने की व्यवस्था होगी।
Updated on:
07 Sept 2026 09:56 pm
Published on:
07 Sept 2026 09:51 pm
