
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद (फोटो- ashish sood FB)
Delhi Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने की घटना के बाद प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों की समीक्षा शुरू कर दी है। सोमवार शाम को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में उपराज्यपाल सचिवालय में दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की एक उच्चस्तरीय संयुक्त बैठक हुई। बैठक में DDMA, NDRF, DDA, MCD, दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के बाद, दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि सरकार जस्टिस गौबा समिति की रिपोर्ट के आधार पर PG और कोचिंग संस्थानों के संचालन के लिए सख्त नियम तय करने जा रही है।
बैठक के बाद, मंत्री आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय और राजधानी के अन्य विश्वविद्यालयों में पढ़ने आने वाले लाखों छात्रों के लिए सुरक्षित आवास व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को देखते हुए, आज उपराज्यपाल और दिल्ली प्रशासन के सभी संबंधित विभागों के साथ एक संयुक्त बैठक की गई।
आशीष सूद ने बताया कि बैठक में पुलिस और NDRF की तैनाती, रिस्पॉन्स टाइम कम करने और छात्रों के रहने की जगह की कमी को दूर करने पर विस्तार से चर्चा हुई। जस्टिस गौबा कमेटी की सिफारिशों और अभी तैयार हो रही एक रिपोर्ट के आधार पर सरकार PG अकोमोडेशन और कोचिंग संस्थानों को पूरी तरह से रेगुलेट करने की योजना बना रही है।
मंत्री ने आगे कहा कि प्रशासन ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू करेगा। इसके तहत सभी संबंधित विभाग मिलकर दिल्ली के उन सभी इलाकों में इमारतों की सुरक्षा और मजबूती की जांच करेंगे जहां PG और कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। इस संयुक्त निरीक्षण अभियान को बहुत कम समय में पूरा करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
आशीष सूद ने कहा कि मौजूदा हॉस्टल्स के रीडेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) छूट देने पर सहमति बनी है। इससे शिक्षण संस्थान अपने कैंपस में ज्यादा स्टूडेंट्स के लिए सुरक्षित और अच्छी सुविधाओं वाले हॉस्टल बना सकेंगे, जिससे स्टूडेंट्स की अनधिकृत और असुरक्षित प्राइवेट PG पर निर्भरता कम होगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार के विभिन्न विभाग इन उपायों को सख्ती से लागू करेंगे।
इस घटना को लेकर आम आदमी पार्टी के हमलों का जवाब देते हुए, मंत्री आशीष सूद ने कहा कि सरकार इस समय आरोप-प्रत्यारोप या उंगली उठाने के खेल में नहीं पड़ना चाहती, क्योंकि बेगुनाह लोगों की जान गई है, सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ऐसी घटना दोबारा न हो। सूद ने कहा कि आम आदमी पार्टी के लोग खुद को बेरोजगार राजनेता साबित करने में लगे हुए हैं।
Updated on:
07 Sept 2026 07:57 pm
Published on:
07 Sept 2026 07:57 pm
