
राहुल गांधी (फोटो-ANI)
Satya Niketan Building Collapse: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली के सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने की घटना को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का पैटर्न हादसों से पहले रोकथाम करने के बजाय घटना के बाद बयानबाजी करने और कुछ छोटे अधिकारियों पर जिम्मेदारी डालने का रहा है। सोशल मीडिया पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि सत्य निकेतन में छात्रों के रहने वाली इमारत का गिरना कोई अकेली घटना नहीं है। उन्होंने दिल्ली में पिछले कुछ महीनों में हुई अन्य घटनाओं का भी जिक्र करते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी सरकार के 12 साल के कार्यकाल में हादसों को लेकर एक जैसा पैटर्न देखने को मिला है। उन्होंने लिखा, "हर बार BJP सरकार का वही शर्मनाक पैटर्न, हादसों से पहले रोकथाम नहीं, बाद में सिर्फ बयानबाजी होती है, कुछ छोटे अफसरों पर जिम्मेदारी मढ़ दी जाती है और असली गुनहगार जवाबदेही मुक्त रहते हैं।"
राहुल गांधी ने आगे कहा कि सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने की घटना कोई अकेली घटना नहीं है। पिछले चार महीनों में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं। सैदुलजाब में ऐसी ही एक घटना में छह लोगों की मौत हो गई और हौज रानी में आग लगने से 22 लोगों की जान चली गई। हर बार जिंदगियां, सपने और अरमान मलबे में दबते हैं और हर बार कार्रवाई गायब रहती है।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि वे सवालों का सामना करने के बजाय सवाल पूछने वालों की छवि खराब करते हैं। उन्होंने लिखा, "जवाबदेही मांगने पर प्रधानमंत्री खुद आपको 'दिमागी नक्सल, नाराज फूफा' जैसे अपमानजनक तमगे दे देते हैं, जिसका मकसद सिर्फ सवाल पूछने वालों को शर्मिंदा करना, बदनाम करना और चुप कराना होता है।"
राहुल गांधी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में यह सरकार दुनिया भर की बातें करके लोगों को गोल-गोल घुमाती रही है, लेकिन कभी भी मुख्य मुद्दों पर बात नहीं की। उन्होंने कहा कि दिल्ली में 'ट्रिपल इंजन' की सरकार है, तो अब वह किस बात से लाचार है? यह बेबसी असल में नीयत का मामला है, जहां नीयत नहीं होती, वहां जवाबदेही भी नहीं होती।
दिल्ली पुलिस की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले सात व्यक्तियों की पहचान अभिषेक, युवराज सोनी, पवन, अर्पित जहाज, अक्षत सिंह यादव, सुरिंदर सिंह और एक अज्ञात पुरुष के रूप में हुई है। वहीं, गंभीर रूप से घायल असगर अली, नीरज बावा, आदित्य कुमार, नीतीश चिब और मोहम्मद अयान का अस्पताल में इलाज जारी है। मलबे की चपेट में आए अधिकांश युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र थे।
Updated on:
7 Sep 2026, 5:47 PM IST
Published on:
7 Sep 2026, 5:47 PM IST
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