
रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री दिल्ली (फाइल फोटो - आईएएनएस)
Satya Niketan Building Collapse:सत्य निकेतन हादसे को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल तारणजीत सिंह संधू ने अहम बैठक बुलाई है। बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, MCD कमिश्नर और दिल्ली पुलिस कमिश्नर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं। DDA, MCD, दिल्ली पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी बैठक में पहुंचे हैं। NDRF चीफ, शिक्षा सचिव, दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति और मंत्री आशीष सूद भी बैठक में मौजूद हैं। सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG इमारत गिरने से 7 लोगों की मौत के बाद यह बैठक हो रही है। हादसे के बाद राहत-बचाव और इमारतों की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक स्तर पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
दिल्ली पुलिस ने सत्य निकेतन इमारत हादसे में बचाव अभियान पूरा होने की जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार, अलग-अलग एजेंसियों की लगातार कोशिशों से मलबे में दबे कई लोगों को बचाया गया। पुलिस ने बताया कि 6 सितंबर को हुई इस घटना के बाद NDRF, दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
रेस्क्यू के दौरान मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। कुल 12 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इनमें से 7 लोगों की मौत हो गई है जबकि 5 लोगों का अभी इलाज चल रहा है। इलाज करा रहे 5 लोगों में से 3 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, हादसे में जान गंवाने वालों में उत्तर प्रदेश के सोनभद्र निवासी 20 वर्षीय छात्र अभिषेक पुत्र संतोष कुमार शामिल हैं। छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी 20 वर्षीय छात्र युवराज सोनी पुत्र कन्हैया लाल सोनी की भी मौत हुई है। उत्तर प्रदेश के औरैया निवासी 17 वर्षीय छात्र पवन पुत्र विशंभर नाथ, मध्य प्रदेश के देवास निवासी 19 वर्षीय छात्र अर्पित जहाज पुत्र भूपेंद्र जहाज और मध्य प्रदेश के कटनी निवासी 18 वर्षीय छात्र अक्षत सिंह यादव पुत्र मंता सिंह यादव ने भी हादसे में जान गंवाई। इसके अलावा 75 वर्षीय मजदूर सुरिंदर सिंह पुत्र केवल सिंह और एक अज्ञात पुरुष की भी मौत हुई है।
हादसे में घायल 5 लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। इनमें 30 वर्षीय असगर अली, 19 वर्षीय नीरज बावा, 19 वर्षीय आदित्य कुमार, 19 वर्षीय नीतीश चिब पुत्र पवन और 18 वर्षीय मो. अयान पुत्र मो. वकील शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इनमें से 3 घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि मलबे में अब किसी के फंसे होने की आशंका नहीं है। सभी संबंधित एजेंसियों ने मिलकर पूरे क्षेत्र की जांच कर ली है। इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD पहले ही 5 अधिकारियों को सस्पेंड कर चुका है। अब पुलिस की जांच में हादसे के कारणों और संभावित लापरवाही की पड़ताल की जा रही है। इस बीच, हादसे को लेकर दिल्ली प्रशासन की बैठक भी जारी है। इसमें वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राहत-बचाव अभियान और इमारतों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।
Updated on:
8 Sep 2026, 7:14 PM IST
Published on:
7 Sep 2026, 5:29 PM IST
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