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सत्य निकेतन हादसे के बाद निशाने पर MCD कमिश्नर संजीव खिरवार, जानिए कौन हैं और क्यों रहा विवादों से नाता

Sanjeev Khirwar MCD Commissioner: सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD कमिश्नर संजीव खिरवार सवालों के घेरे में हैं। जानिए कौन हैं संजीव खिरवार और 2022 के त्यागराज स्टेडियम 'डॉग वॉकिंग' विवाद से उनका क्या संबंध रहा है।
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भारत

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Rahul Yadav

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Updated: 7 Sep 2026, 4:08 PM IST

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MCD कमिश्नर संजीव खिरवार (फोटो - एएनआई)

Sanjeev Khirwar IAS: दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने के बाद नगर निगम की भूमिका सवालों के घेरे में है। इस हादसे में 7 लोगों की मौत हुई है। हादसे के बाद MCD के पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है। इसी बीच MCD कमिश्नर संजीव खिरवार पर भी सवाल उठ रहे हैं और उनके इस्तीफे की मांग की जा रही है।

कौन हैं संजीव खिरवार?

संजीव खिरवार 1994 बैच के एजीएमयूटी कैडर के IAS अधिकारी हैं। उन्होंने जनवरी 2026 में दिल्ली नगर निगम के कमिश्नर का पद संभाला। इससे पहले वह दिल्ली से बाहर तैनात थे। उनकी दिल्ली वापसी करीब तीन साल से ज्यादा समय बाद हुई। खिरवार इससे पहले केंद्र सरकार में भी अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वह 2009 से 2014 के बीच महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में केंद्रीय मंत्री के निजी सचिव रहे। उन्होंने दिल्ली के अलावा गोवा, अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख में भी प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाली हैं।

2022 में 'डॉग वॉकिंग' विवाद से आए थे चर्चा में

संजीव खिरवार का नाम पहली बार बड़े विवाद में 2022 में आया था। उस समय वह दिल्ली के राजस्व विभाग के प्रधान सचिव थे। आरोप लगा था कि वह अपने कुत्ते को घुमाने के लिए त्यागराज स्टेडियम जाते थे। एथलीटों और कोचों ने आरोप लगाया था कि उन्हें शाम 7 बजे तक स्टेडियम खाली करने के लिए कहा जाता था, ताकि अधिकारी वहां अपने कुत्ते को घुमा सकें। खिलाड़ियों का कहना था कि वे पहले रात 8 से 8:30 बजे तक रोशनी में अभ्यास करते थे।

खिरवार ने इन आरोपों को गलत बताया था। उन्होंने कहा था कि वह कभी किसी खिलाड़ी को स्टेडियम से बाहर जाने के लिए नहीं कहेंगे। उन्होंने यह भी माना था कि वह कभी-कभी अपने पालतू कुत्ते को वहां लेकर जाते थे। विवाद के बाद खिरवार का तबादला लद्दाख कर दिया गया था। उनकी पत्नी और IAS अधिकारी रिंकू दुग्गा का तबादला अरुणाचल प्रदेश किया गया था।

अब सत्य निकेतन हादसे के बाद सवालों के घेरे में

जनवरी 2026 में MCD कमिश्नर के तौर पर दिल्ली लौटने के बाद खिरवार एक बार फिर चर्चा में हैं। सत्य निकेतन में छात्र PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही पांच मंजिला इमारत गिरने के बाद MCD की निगरानी और कार्रवाई पर सवाल उठे हैं। हादसे के बाद MCD ने दक्षिणी जोन के पांच अधिकारियों को निलंबित किया है। इनमें डिप्टी कमिश्नर, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर शामिल हैं। मामले की मजिस्ट्रेट जांच भी शुरू की गई है।

हादसे के बाद ABVP ने MCD कमिश्नर संजीव खिरवार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। NSUI ने भी MCD की तैयारियों और छात्र सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं।

तीन महीने में 960 इमारतें गिराने का दावा

सत्य निकेतन हादसे के बाद अनधिकृत निर्माण पर भी सवाल उठ रहे हैं। खिरवार ने बताया कि पिछले तीन महीनों में MCD ने 960 इमारतों को गिराया, 407 इमारतों को सील किया और 1500 इमारतों को सील करने या गिराने के लिए नोटिस दिए। उन्होंने इसे MCD की नियमित कार्रवाई का हिस्सा बताया। इसके बावजूद सत्य निकेतन हादसे ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि खतरनाक और अनधिकृत निर्माण की पहचान समय रहते क्यों नहीं हो पाई।

यही वजह है कि 2022 के त्यागराज स्टेडियम विवाद के बाद एक बार फिर संजीव खिरवार की प्रशासनिक भूमिका और MCD की कार्यप्रणाली पर सार्वजनिक बहस तेज हो गई है।