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सत्य निकेतन हादसे पर दिल्ली HC सख्त, PG हॉस्टल का ऑडिट कराने और दोषी अफसरों पर कार्रवाई का निर्देश

Delhi Building Collapse: सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने PG हॉस्टलों का ऑडिट कराने और निर्माण नियमों की जांच के निर्देश दिए हैं। दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने को भी कहा है।
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भारत

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Rahul Yadav

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Updated: 7 Sep 2026, 5:02 PM IST

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सत्य निकेतन हादसे पर दिल्ली HC सख्त (फोटो - आईएएनएस)

Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG इमारत गिरने और 7 लोगों की मौत के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने दिल्ली नगर निगम (MCD) को मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने का निर्देश दिया है। साथ ही दिल्ली में चल रहे PG हॉस्टलों का ऑडिट कराने और नियमों के पालन की जांच करने को कहा है।

उच्चस्तरीय जांच के आदेश

हाईकोर्ट ने कहा कि सत्य निकेतन में गिरी इमारतों की जांच MCD के सबसे ऊंचे कार्यकारी स्तर पर होनी चाहिए। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि इमारतों का निर्माण जरूरी मंजूरी के साथ हुआ था या नहीं। अगर जांच में किसी इमारत के बिना जरूरी अनुमति के बनाए जाने की बात सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया गया है। MCD को ऐसे अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी भी कोर्ट को देनी होगी।

दिल्ली के सभी PG हॉस्टलों का होगा ऑडिट

कोर्ट ने MCD को दिल्ली के PG हॉस्टलों का ऑडिट करने को कहा है। इसमें यह जांच होगी कि हॉस्टल संबंधित मंजूरी और भवन नियमों के मुताबिक बनाए गए हैं या नहीं।अदालत ने PG में रहने वाले छात्रों की संख्या का डेटा भी मांगा है। सुनवाई के दौरान जब बताया गया कि कई छात्र किराये के फ्लैट में भी रहते हैं तो कोर्ट ने सवाल किया कि ऐसे फ्लैटों के PG के तौर पर इस्तेमाल का पता कैसे लगाया जाएगा।

गेस्ट हाउस को रेगुलेट कर सकते हैं तो PG को क्यों नहीं?

हाईकोर्ट ने PG हॉस्टलों को लेकर नियम बनाने पर भी जोर दिया। कोर्ट ने कहा कि अगर PG के लिए अभी कोई नियम नहीं हैं तो सरकार को नियम बनाने चाहिए। अदालत ने सवाल किया कि जब गेस्ट हाउस को नियंत्रित किया जा सकता है तो PG को क्यों नहीं। कोर्ट ने PG में जगह बिजली और सुरक्षा जैसे मानकों को तय करने की जरूरत बताई।

मंजूरी कम मंजिलों की, बना दी जाती हैं ज्यादा

हाईकोर्ट ने इस बात पर भी चिंता जताई कि PG मालिक मंजूर मंजिलों से ज्यादा निर्माण कर सकते हैं। अदालत ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर दो मंजिल की अनुमति दी गई हो और मालिक सात मंजिल बना दे तो ऐसी स्थिति गंभीर सवाल खड़े करती है। कोर्ट ने इस तरह के नियमों के उल्लंघन को सत्य निकेतन जैसी घटना से जोड़ते हुए इसकी जांच की जरूरत बताई।

हादसे में 7 लोगों की मौत

सत्य निकेतन में लड़कों के PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही पांच मंजिला इमारत रविवार दोपहर गिर गई थी। हादसे के समय इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था। हादसे में 7 लोगों की मौत हुई है और बचाव अभियान के दौरान कई लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया। हादसे के बाद MCD ने इलाके में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू की है। पांच MCD अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है।