
अस्पताल पहुंचे शिवनेता शिंदे गुट के नेता और समर्थक। फोटो (X- @mayuganapatye)
Palghar Hospital Ruckus: पालघर के निजी अस्पताल में हंगामा और कर्मचारी से मारपीट के मामले में शिवसेना शिंदे गुट के शहर प्रमुख राहुल घराट को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। घराट ने पालघर पुलिस थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मामला शनिवार रात का है। दही हांडी उत्सव के दौरान घायल हुए पांच गोविंदाओं को इलाज के लिए पालघर के रिलीफ अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इनमें से तीन को गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया था।
घायल गोविंदाओं ने आरोप लगाया था कि अस्पताल प्रबंधन उन पर सीटी स्कैन कराने का दबाव बना रहा था और इलाज के नाम पर अधिक रकम वसूलने की कोशिश की जा रही थी। इन आरोपों के बाद शिवसेना के पदाधिकारी और कार्यकर्ता देर रात अस्पताल पहुंचे। आरोप है कि वहां हंगामा किया गया और अस्पताल के एक कर्मचारी के साथ मारपीट की गई। यह भी आरोप है कि गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती गोविंदाओं की नसों से लगी ड्रिप निकाल दी गई और उन्हें अस्पताल से बाहर ले जाया गया।
मामले में पालघर पुलिस ने 17 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। इनमें शिवसेना के जिला प्रमुख कुंदन सांखे, शहर प्रमुख राहुल घराट, विधायक राजेंद्र गावित के बेटे और उप तहसील प्रमुख रोहित गावित समेत अन्य लोग शामिल हैं। पालघर पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक किशोर मनभाव ने बताया कि राहुल घराट सोमवार को पुलिस थाने पहुंचे थे। आत्मसमर्पण के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।
इस बीच घायल गोविंदा आकाश पाटील ने डॉक्टरों पर लगाए अपने आरोप दोहराए। उसका कहना है कि इंजेक्शन देने के बाद उसे राहत महसूस हुई थी, लेकिन उसकी इच्छा के खिलाफ उसे सलाइन चढ़ाई गई और करीब तीन घंटे तक गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया। उसने संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पालघर विधायक राजेंद्र गावित सोमवार को पुलिस थाने पहुंचे और अस्पताल के डॉक्टरों के खिलाफ भी मामला दर्ज करने की मांग की।
गावित का आरोप है कि अस्पताल के कर्मचारी घायल गोविंदाओं को अस्पताल में रोककर एमआरआई और सीटी स्कैन कराने के लिए दबाव बना रहे थे। गावित ने कहा कि घायल गोविंदाओं की मदद के लिए शिवसेना के कार्यकर्ता अस्पताल पहुंचे थे, जहां उनके और अस्पताल कर्मचारियों के बीच कहासुनी हुई। उनका आरोप है कि डॉक्टरों ने बदले की भावना से शिवसेना कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत की और पुलिस पर मामला दर्ज करने का दबाव बनाया। उन्होंने पुलिस से डॉक्टरों के खिलाफ भी मामला दर्ज करने की मांग की।
Updated on:
07 Sept 2026 05:02 pm
Published on:
07 Sept 2026 04:54 pm
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