23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

शिंदे के पार्षद के खिलाफ फडणवीस सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट, जज बोले- ऐसे लोग सड़कों पर घूमने लायक नहीं

Supreme Court on Doctor Assault: डोंबिवली के शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों से मारपीट के आरोपी शिंदे गुट के पार्षद रमेश म्हात्रे की जमानत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि ऐसे लोग सड़कों पर घूमने लायक नहीं हैं।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

मुंबई

•

image

Dinesh Dubey

•

Updated: 7 Sep 2026, 3:46 PM IST

KDMC Shiv Sena corporator Ramesh Mhatre

शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे की मुश्किलें बढीं (Photo: X/IANS)

Ramesh Mhatre Doctor Assault Case: महाराष्ट्र के ठाणे जिले के डोंबिवली स्थित शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों के साथ मारपीट के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कड़ा रुख अपनाया। मामले में आरोपी शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षद रमेश म्हात्रे से उनकी जमानत को चुनौती देने वाली महाराष्ट्र सरकार की याचिका पर जवाब मांगा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान डॉक्टरों पर बढ़ते हमलों को लेकर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे लोग सड़कों पर घूमने के लायक नहीं हैं। उन्हें जेल में होना चाहिए।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने रमेश म्हात्रे को नोटिस जारी किया और राज्य सरकार की याचिका पर तीन सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा। मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी।

‘ऐसे लोगों को तुरंत हिरासत में लेना चाहिए’

सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने नोटिस जारी करते हुए डॉक्टरों पर हमले की घटनाओं को लेकर नाराजगी जाहिर की। अदालत ने कहा:

“ऐसे लोग सड़कों पर घूमने के लायक नहीं हैं। ऐसे लोगों को तुरंत हिरासत में लेना चाहिए। हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। कल पालघर में एक और घटना हुई। वही लोगों का समूह। फिर से डॉक्टरों के साथ मारपीट। एक संदेश जाना चाहिए और यह समाज में दूसरों के लिए एक सबक होना चाहिए।”

अदालत की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब पालघर के रिलीफ हॉस्पिटल में एक कर्मचारी के साथ कथित मारपीट के मामले में शिवसेना शिंदे गुट के जिला प्रमुख कुंदन संखे और विधायक राजेंद्र गावित के बेटे रोहित गावित समेत 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

क्या है डोंबिवली अस्पताल मारपीट का मामला?

यह मामला जुलाई में डोंबिवली के शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों के साथ कथित मारपीट से जुड़ा है। इस मामले में शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षद रमेश म्हात्रे आरोपी हैं।

मामले में निचली अदालत ने म्हात्रे को जमानत दे दी थी। इसके बाद मुंबई हाईकोर्ट ने 18 जुलाई को निचली अदालत की जमानत पर रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को गलत बताते हुए म्हात्रे को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था।

हालांकि, बाद में 7 अगस्त को हाईकोर्ट ने रमेश म्हात्रे को जमानत दे दी और मुकदमे को तेजी से चलाकर निर्धारित समयसीमा में पूरा करने का आदेश दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के रुख को बताया था सही

सुप्रीम कोर्ट इससे पहले ही इस मामले में हाईकोर्ट के स्वतः संज्ञान लेने और निचली अदालत द्वारा दी गई जमानत पर रोक लगाने के फैसले को “पूरी तरह से सही” बता चुका है।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की थी कि डॉक्टरों पर हमला करने वाले लोग जमानत के हकदार नहीं हैं। सोमवार की सुनवाई में अदालत ने एक बार फिर डॉक्टरों पर हो रहे हमलों को गंभीरता से लिया।

रमेश म्हात्रे की याचिका वापस

सुप्रीम कोर्ट में रमेश म्हात्रे की याचिका समेत उन याचिकाओं पर सुनवाई हो रही थी, जिनमें पार्षद पर जमानत की शर्तें लगाने से जुड़े हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। सुनवाई के दौरान म्हात्रे के वकील मुकुल रोहतगी ने उनकी याचिका वापस ले ली।

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से जमानत को चुनौती देने वाली याचिका पर म्हात्रे से जवाब मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी।

पालघर घटना का जिक्र कर कोर्ट ने जताई गहरी चिंता

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पालघर में हुई हालिया घटना का भी उल्लेख किया। पालघर के रिलीफ हॉस्पिटल में कथित तौर पर एक कर्मचारी से मारपीट के मामले में 17 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार, दही हांडी कार्यक्रम के दौरान कुछ 'गोविंदा' घायल हुए थे और उन्हें रिलीफ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। मेडिकल बिल और इलाज को लेकर अस्पताल प्रबंधन तथा शिवसेना पदाधिकारियों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद अस्पताल के एक कर्मचारी के साथ कथित मारपीट की गई। अस्पताल प्रबंधन की शिकायत पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के जिला प्रमुख कुंदन संखे, विधायक राजेंद्र गावित के बेटे रोहित गावित समेत 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस घटना ने महाराष्ट्र में डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बड़ी खबरें

View All

मुंबई

महाराष्ट्र न्यूज़

ट्रेंडिंग