
तुकाराम मुंढे। फाइल फोटो- पत्रिका
मुंबई। महाराष्ट्र खाद्य और औषधि प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने स्पष्ट किया है कि हाल ही में जारी सालभर के त्योहारी कैलेंडर और खाद्य सुरक्षा निर्देशों का उद्देश्य केवल मिलावट रोकना और लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करना है। इनका किसी त्योहार या धार्मिक परंपरा पर पाबंदी लगाने से कोई संबंध नहीं है। मुंढे ने कहा कि एफडीए का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्योहारों और बड़ी सभाओं के दौरान परोसा और बांटा जाने वाला खाना सुरक्षित, साफ-सुथरा और मिलावट-मुक्त हो।
उन्होंने कहा कि त्योहारों, शादियों, भोज, ईद, क्रिसमस, नए साल के जश्न और दूसरे आयोजनों में बड़े पैमाने पर खाना परोसा जाता है। ऐसे मौकों पर लोगों को सुरक्षित और अच्छी गुणवत्ता वाला खाना मिले, एफडीए का ध्यान इसी पर है। मुंढे ने कहा कि हम त्योहारों पर पाबंदी नहीं लगा रहे हैं। हम सिर्फ यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि त्योहारों के दौरान परोसा जाने वाला खाना सुरक्षित हो। गौरतलब है कि एफडीए ने खाने में मिलावट रोकने के लिए सालभर का कैलेंडर जारी किया था।
इसके तहत अलग-अलग त्योहारों, मेलों और धार्मिक आयोजनों के दौरान खाने-पीने की चीजों की व्यवस्थित जांच की जाएगी। पहले अलग-अलग त्योहारों से ठीक पहले अलग-अलग निर्देश जारी किए जाते थे। नए कैलेंडर का उद्देश्य पूरे साल एक जैसी और योजनाबद्ध तरीके से खाद्य सुरक्षा व्यवस्था लागू करना है। एफडीए ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसका धार्मिक या सांस्कृतिक परंपराओं में दखल देने का कोई इरादा नहीं है। तुकाराम मुंढे ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि जश्न के दौरान लोगों को सुरक्षित और मिलावट-मुक्त खाना मिले।
गौरतलब है कि सख्त प्रशासनिक फैसलों के लिए पहचाने जाने वाले आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे का कहना है कि चर्चाओं में रहना उनके काम का उद्देश्य नहीं है। मुंढे के मुताबिक, स्वस्थ नागरिक ही मजबूत देश की नींव होते हैं। जब तक देश के लोग स्वस्थ नहीं होंगे, तब तक भारत को एक मजबूत महाशक्ति बनाने का लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि वह पिछले 20 वर्षों से इसी सोच के साथ काम कर रहे हैं और नागरिकों का स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
Updated on:
07 Sept 2026 03:18 pm
Published on:
07 Sept 2026 03:11 pm
