
पालघर के अस्पताल में शिंदे गुट के नेताओं का हंगामा (Photo: youtube/sarkarnama)
Shiv Sena Eknath Shinde: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के विधायक के बेटे और पार्टी पदाधिकारियों पर पालघर के एक निजी अस्पताल में हंगामा करने और मेडिकल स्टाफ के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। जानकारी के मुताबिक, पालघर के रिलीफ हॉस्पिटल में एक घायल 'गोविंदा' के इलाज के बिल को लेकर हुए विवाद के बाद अस्पताल के कर्मचारी के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस मामले में पालघर पुलिस ने सत्ताधारी दल के पालघर जिला प्रमुख कुंदन संखे, विधायक राजेंद्र गावित के बेटे रोहित गावित समेत 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार को दही हांडी उत्सव के दौरान मटकी फोड़ते समय घायल हुए एक 'गोविंदा' को पालघर के रिलीफ हॉस्पिटल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद मेडिकल बिल को लेकर अस्पताल प्रशासन और शिंदे गुट के नेताओं के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि यह मामला इतना बढ़ गया कि शिंदे गुट के पदाधिकारियों ने अस्पताल के रिसेप्शन पर मौजूद कर्मचारी के साथ मारपीट की। पूरी घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। वीडियो में कथित तौर पर कुछ लोगों को अस्पताल के कर्मचारी के साथ हाथापाई करते देखा जा सकता है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पालघर पुलिस ने मामले में कार्रवाई की। पुलिस ने देर रात शिवसेना शिंदे गुट के पालघर जिला अध्यक्ष कुंदन संखे और विधायक राजेंद्र गावित के बेटे रोहित गावित समेत कुल 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ क्या धाराएं लगाई गई हैं और आगे क्या कार्रवाई होगी, यह पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगा।
अस्पताल में मेडिकल स्टाफ के साथ मारपीट का यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ महीने पहले डोंबिवली के शास्त्रीनगर अस्पताल में भी इसी तरह का विवाद हुआ था। 6 जुलाई को एक 9 महीने की गर्भवती महिला को अस्पताल में भर्ती कराने और NICU बेड उपलब्ध नहीं होने को लेकर शिवसेना शिंदे गुट के नगरसेवक रमेश म्हात्रे पर अस्पताल में हंगामा करने और डॉक्टरों तथा मेडिकल स्टाफ के साथ मारपीट का आरोप लगा था।
इस घटना के बाद राज्यभर के डॉक्टरों और मेडिकल कर्मचारियों में नाराजगी देखने को मिली थी। डॉक्टरों ने अस्पतालों में सुरक्षा और मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर विरोध भी किया था। बाद में विरोध और दबाव के बीच रमेश म्हात्रे की गिरफ्तारी की गई थी।
ऐसे में अब पालघर की ताजा घटना ने एक बार फिर अस्पतालों में डॉक्टरों और मेडिकल कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा गरमा दिया है। फिलहाल पालघर पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Updated on:
6 Sep 2026, 1:52 PM IST
Published on:
6 Sep 2026, 1:43 PM IST
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