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ट्विंकल खन्ना ने कबाब- कोरमा से की थी मुगल इतिहास की तुलना! इंटरनेट पर छिड़ी बहस, लोगों ने याद दिलाई पति की ‘केसरी’ फिल्म

Twinkle Khanna: ट्विंकल खन्ना ने अपने लेख 'मिसेज फनीबोन्स' कॉलम में मुगलों के इतिहास की तुलना कोरमा, कबाब और कोफ्ते से की है। जो नेटिजेन्स को पसंद नहीं आई और उन्होंने एक्ट्रेस की जमकर आलोचना की।
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Twinkle Khanna Compare Mughal History With Kebabs Kormas netizens angry

ट्विंकल खन्ना ने मुगलई खाने और मुगल इतिहास पर दिया बयान (Photo Source- Instagram/twinklekhanna)

Twinkle Khanna Comparing Mughal History With Kebabs Kormas: अभिनेत्री और लेखिका ट्विंकल खन्ना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। उन्होंने भारत में खाद्य सुरक्षा और खाने में इस्तेमाल होने वाली चीजों पर चल रही चर्चा के बीच मुगलों के इतिहास और भारतीय खान-पान को जोड़ते हुए बड़ा बयान दे डाला है। जो लोगों को पसंद नहीं आ रहा है। सोशल मीडिया यूजर शीमा खेर ने ट्विंकल खन्ना को खुला पत्र लिखकर उनके तर्कों की धज्जियां उड़ा दी हैं और इस बहस में उनके पति व अभिनेता अक्षय कुमार की फिल्म 'केसरी' का उदाहरण देकर तीखा हमला बोला है।

ट्विंकल खन्ना ने कबाब-कोरमा और मुगल इतिहास को लेकर क्या कहा?

ट्विंकल खन्ना ने 30 अगस्त 2026 को अपनी प्रकाशित और लोकप्रिय 'मिसेज फनीबोन्स' कॉलम में इतिहास की किताबों से मुगलों को हटाए जाने की चर्चा पर बात की थी। उन्होंने लिखा था, "जो लोग मुगलों को हमारे इतिहास की किताबों से मिटाना चाहते हैं, उन्हें सबसे पहले दोपहर के भोजन से शुरुआत करनी चाहिए। आप पहले कोफ्ते, कोरमा, कबाब छोड़ दें… आप असली या नकली मुगलई पनीर खाकर उसका आनंद नहीं ले सकते।"

ट्विंकल का यह बयान वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे ऐतिहासिक हिंसा को नजरअंदाज करने और खाने के पीछे इतिहास के काले पन्नों को दबाने का बचकाना प्रयास करार दिया है।

"भोजन की तुलना क्रूर इतिहास से करना हास्यास्पद नहीं"

सोशल मीडिया पर एक यूजर शीमा खेर ने ट्विंकल के बयान का कड़ा विरोध किया और एक लंबी पोस्ट लिखी। उन्होंने लिखा, "प्रिय फनी बोन्स, भोजन की तुलना क्रूर इतिहास से करना और दोनों को एक समान मानना न तो हास्यास्पद है और न ही समझदारी भरा।"

शमी खेर ने आगे सारागढ़ी की ऐतिहासिक लड़ाई पर बनी फिल्म 'केसरी' का जिक्र किया, जिसमें ट्विंकल के पति अक्षय कुमार ने मुख्य भूमिका निभाई थी। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे इस फिल्म को देखकर खुद ट्विंकल रो पड़ी थीं और इसे एक जबरदस्त फिल्म बताया था।

शमी खेर ने तीखा सवाल पूछते हुए लिखा, "केसरी इसलिए बनी थी क्योंकि ऐसी कहानियां हमारी इतिहास की किताबों में नहीं पढ़ाई गईं। फिल्म ने आपको उस दौर की हिंसा की याद दिलाई, लेकिन मुझे लगता है कि आपने अगले दिन चिकन खाना नहीं छोड़ा। तो अगर आप ऐतिहासिक रक्तपात पर बनी फिल्म देख सकती हैं और फिर भी खुशी-खुशी अपने भोजन का आनंद ले सकती हैं, तो अचानक भोजन को इतिहास को स्वीकार करने के खिलाफ एक तर्क के रूप में क्यों इस्तेमाल किया जा रहा है?"

यूजर शीमा खेर ने अक्षय कुमार को भी किया टैग

शीमा खेर ने अपनी पोस्ट के आखिर में लिखा कि मुगलों का भारत आगमन कोई जश्न नहीं था। "मुगल भारत में 'कहने को जश्न-ए-बहारा है' का स्थायी साउंडट्रैक देने नहीं आए थे। कोई पृष्ठभूमि संगीत नहीं था। वहां युद्ध थे, विजयें थीं और भारी रक्तपात था।"

अपनी पोस्ट में अक्षय कुमार को टैग करते हुए शमी खेर ने लिखा कि ट्विंकल (मिस खालिदी) को अब कोरमा और कबाब से आगे सोचने की जरूरत है। इस पलटवार के बाद इंटरनेट पर ट्विंकल खन्ना के चुटीले अंदाज बनाम ऐतिहासिक तथ्यों की इस बहस ने जोर पकड़ लिया है।

सोशल मीडिया पर नेटिजेन्स ने बॉलीवुड पर साधा निशाना

सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा, “कबाब और कोफ्ता फारसी डिशेज हैं। मुगलों ने इन्हें ईजाद नहीं किया था। तथाकथित पढ़े-लिखे और ऊंचे समाज के लोग।” एक ने लिखा, “बॉलीवुड हमेशा किसी न किसी रूप में मुगलों का समर्थन करने की कोशिश करेगा।” तीसरे ने लिखा, “अगर हम इसे मान भी लें, तो उस तर्क से तो अंग्रेज़ों ने हमें अंग्रेज़ी दी है, इसलिए हम अंग्रेजी में उनकी आलोचना नहीं कर सकते।” एक और ने लिखा, “अब मुझे समझ आया कि अक्षय ने पृथ्वीराज चौहान के तौर पर इतना खराब अभिनय क्यों किया।”

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