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रिलीफ अस्पताल विवाद में नया मोड़: ‘मामूली चोट पर ICU में रखा’, घायल गोविंदा ने दर्ज कराई शिकायत, डायरेक्टर ने आरोपों को किया खारिज

Palghar Hospital Assault Case: पालघर रिलीफ हॉस्पिटल विवाद में नया मोड़ आया है। 17 शिवसेना पदाधिकारियों पर FIR के बाद घायल गोविंदा ने डॉक्टरों पर ICU में जबरन रखने और डिस्चार्ज नहीं देने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दी है।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

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Updated: 7 Sep 2026, 12:52 PM IST

Shiv sena Palghar Hospital Assault

पालघर के अस्पताल में शिंदे गुट के नेताओं का हंगामा, 17 पर FIR (Photo: youtube/ANI/sarkarnama)

Shiv Sena Eknath Shinde: महाराष्ट्र के पालघर स्थित रिलीफ हॉस्पिटल के स्टाफ के साथ मारपीट मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। अस्पताल प्रबंधन की शिकायत पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के जिला प्रमुख कुंदन संखे, विधायक राजेंद्र गावित के बेटे रोहित गावित समेत 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद अब उसी घटना से जुड़े घायल 'गोविंदा' ने अस्पताल के डॉक्टरों के खिलाफ पालघर पुलिस थाने में लिखित शिकायत दी है।

घायल 'गोविंदा' ने आरोप लगाया है कि उसे मामूली चोट लगी थी, इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन ने उन्हें जानबूझकर ICU में भर्ती किया और डिस्चार्ज नहीं दिया। उन्होंने डॉक्टरों पर बात नहीं मानने और बिल बढ़ाने के लिए जरूरत नहीं होने के बावजूद इलाज जारी रखने का आरोप लगाया है।

‘बार-बार अनुरोध के बावजूद डॉक्टरों ने नहीं सुनी’

पुलिस को दी शिकायत में घायल गोविंदा ने दावा किया कि अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद उन्होंने डॉक्टरों से कई बार डिस्चार्ज देने का अनुरोध किया, लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि मामूली चोट के बावजूद उन्हें आईसीयू में रखा गया। इसलिए उसने शिवसेना जिला प्रमुख कुंदन संखे से मदद मांगी। घायल गोविंदा ने पूरे मामले की जांच कर संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग पुलिस से की है।

अस्पताल ने आरोपों को बताया गलत

वहीं, रिलीफ हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. विशाल कोडगिरकर (Dr. Vishal Kodgirkar) ने इन आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि दही हांडी कार्यक्रम के दौरान पांच गोविंदा घायल हुए थे। इनमें से दो गोविंदाओं को सिर में चोट लगने और बेहोशी की स्थिति के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया था। हालांकि बिल बहुत ज्यादा नहीं था और कुछ रकम छोड़ी भी गई थी।

डॉ. कोडगिरकर ने कहा, शनिवार को दही हांडी कार्यक्रम के दौरान पांच गोविंदा गिरकर घायल हुए थे। उन्हें हमारे अस्पताल लाया गया। इनमें से दो गोविंदाओं को सिर में चोट लगी थी और वे बेहोश हुए थे, इसलिए प्रोटोकॉल के अनुसार उन्हें 24 घंटे निगरानी में रखा गया था। मरीजों के साथ आए लोगों ने अस्पताल में भर्ती करने पर सवाल उठाए। इसी दौरान एक महिला डॉक्टर से कथित तौर पर बहस की गई। महिला डॉक्टर को बचाने के लिए बीच में आए पुरुष रिसेप्शनिस्ट के साथ मारपीट की गई।

डॉ. कोडगिरकर ने आरोप लगाया कि "उन्होंने पुरुष रिसेप्शनिस्ट को जोरदार थप्पड़ मारा। इसके बाद वे ICU में गए, मरीजों की आईवी ड्रिप निकाल दी और उन्हें अपने साथ ले गए। यह पूरी तरह से गलत था।"

उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद अस्पताल के कर्मचारियों में डर का माहौल है और जिस कर्मचारी के साथ मारपीट हुई, वह सदमे में है। अस्पताल प्रबंधन ने मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

विधायक राजेंद्र गावित समेत शिवसेना पदाधिकारी थाने पहुंचे

दूसरी ओर, डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग को लेकर पालघर विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेंद्र गावित समेत शिवसेना के प्रमुख पदाधिकारी, कार्यकर्ता और गोविंदा पथक के सदस्य बड़ी संख्या में पालघर पुलिस थाने के बाहर पहुंचे।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने डॉक्टरों के खिलाफ घायल गोविंदा की शिकायत पर तत्काल मामला दर्ज करने की मांग की। ऐसे में अस्पताल कर्मचारी से कथित मारपीट के मामले के बाद अब डॉक्टरों के खिलाफ शिकायत सामने आने से विवाद और बढ़ गया है।

पुलिस ने क्या कहा?

पालघर पुलिस के पुलिस निरीक्षक किशोर मनभाव के मुताबिक, दही हांडी उत्सव के दौरान कुछ गोविंदा घायल हुए थे और उन्हें पालघर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद मेडिकल बिल को लेकर शिवसेना पदाधिकारियों और अस्पताल प्रबंधन के बीच बातचीत चल रही थी। पुलिस निरीक्षक ने कहा, "दही हांडी कार्यक्रम के दौरान कुछ गोविंदा घायल हुए थे। उन्हें पालघर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। मेडिकल बिल को लेकर शिवसेना पदाधिकारियों और अस्पताल प्रबंधन के बीच चर्चा चल रही थी। इसी दौरान विवाद हो गया। शिवसेना पदाधिकारियों ने अस्पताल के कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट की और धमकी दी। वह घायल गोविंदाओं को अस्पताल से ले गए। अस्पताल प्रबंधन की शिकायत के आधार पर पालघर पुलिस थाने में 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आगे की कार्रवाई पुलिस जांच के आधार पर होगी।"

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