
शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे की मुश्किलें बढीं (Photo: X/IANS)
KDMC Dombivli hospital doctor assault case: महाराष्ट्र के ठाणे जिले के डोंबिवली स्थित केडीएमसी (KDMC) के शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों से कथित मारपीट के मामले में गिरफ्तार शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे ने अदालत में जमानत याचिका दाखिल की है। अपनी याचिका में उन्होंने कहा है कि उनकी डॉक्टरों से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं थी और उन्होंने एक जनप्रतिनिधि के तौर पर अस्पताल पहुंचे नागरिक की मदद करने के उद्देश्य से हस्तक्षेप किया था। वहीं, उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी हवाला देते हुए बताया कि उनकी केवल एक ही किडनी है और वह हाई ब्लड प्रेशर सहित अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं।
सोमवार को ठाणे पुलिस ने कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए रमेश म्हात्रे और उनके तीन सहयोगियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया। अदालत ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके बाद म्हात्रे की ओर से जमानत याचिका दायर की गई, जिस पर अदालत ने जांच अधिकारी से जवाब मांगा है। जवाब मिलने के बाद अदालत जमानत पर फैसला सुनाएगी।
रमेश म्हात्रे के वकील संजय ढांके ने कहा कि पुलिस को आरोपियों से कोई बरामदगी नहीं करनी थी, इसलिए पुलिस हिरासत की मांग नहीं की गई। उन्होंने बताया कि अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद यदि रमेश म्हात्रे स्वस्थ पाए जाते हैं तो उन्हें कल्याण स्थित आधारवाड़ी जेल भेजा जाएगा।
वकील के मुताबिक, जमानत याचिका में यह भी कहा गया है कि म्हात्रे डॉक्टर को पहले से नहीं जानते थे, इसलिए उनके बीच किसी तरह की निजी रंजिश नहीं थी। उन्होंने केवल एक ऐसे नागरिक की मदद करने का प्रयास किया, जिसे अस्पताल में उचित इलाज नहीं मिल रहा था।
यह घटना 6 जुलाई को कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) द्वारा संचालित शास्त्री नगर अस्पताल में हुई थी। एक गर्भवती महिला के इलाज को लेकर विवाद शुरू हुआ था। अस्पताल के डॉक्टरों ने नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में बेड उपलब्ध नहीं होने के कारण महिला को दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी थी।
इससे नाराज परिजनों ने स्थानीय शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को बुलाया। आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद म्हात्रे और उनके समर्थकों ने डॉक्टरों तथा अस्पताल कर्मचारियों के साथ बहस की और फिर उनके साथ मारपीट की।
घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें रमेश म्हात्रे और उनके समर्थक डॉक्टरों तथा अस्पताल कर्मचारियों से धक्का-मुक्की और मारपीट करते दिखाई दिए। वीडियो में एक महिला डॉक्टर का मोबाइल भी उनके हाथ से झटकते हुए दिखाई देता है, जिससे मोबाइल जमीन पर गिर जाता है। इस दौरान एक डॉक्टर को चोट लगने की भी खबर है।
हालांकि, रमेश म्हात्रे ने सफाई देते हुए दावा किया कि उन्होंने महिला डॉक्टर के साथ मारपीट नहीं की। उनका कहना है कि डॉक्टर उनकी बात का जवाब नहीं दे रही थीं, इसलिए उन्होंने केवल उनका मोबाइल हटाया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके हस्तक्षेप से एक नवजात की जान बची।
घटना के बाद अस्पताल के मारपीट का शिकार हुए डॉक्टरों ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर डर है और उन्होंने शहर छोड़ दिया है। डॉक्टरों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और रमेश म्हात्रे की पार्षदी रद्द करने की मांग भी की है।
फिलहाल पुलिस ने इस मामले में रमेश म्हात्रे और उनके सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद तबीयत खराब होने की शिकायत पर उन्हें कुछ दिनों तक ठाणे सिविल अस्पताल में भर्ती रखा गया था।
Updated on:
14 Jul 2026 08:29 am
Published on:
14 Jul 2026 08:29 am
