
रक्षा अधिकारियों ने NECO डिफेंस विवाद पर सप्ष्टीकरण दिया। (फोटो-X Post/ @MarioNawfal)
Estonia Ammunition Deal: एस्टोनिया को आर्टिलरी शेल (तोप के गोले) सप्लाई करने के कथित विवादित सौदे में भारतीय कंपनी NECO डिफेंस (NECO Defence) का नाम सामने आया था। इसके बाद भारत के रक्षा अधिकारियों ने इस पर स्पष्टीकरण दिया है। अधिकारियों ने कहा है कि इस कंपनी का भारतीय रक्षा मंत्रालय या भारतीय सशस्त्र बलों के साथ कोई लेना-देना नहीं है।
ANI की रिपोर्ट के मतुाबिक, रक्षा अधिकारियों ने बताया कि NECO डिफेंस का भारतीय सशस्त्र बलों के साथ कोई कारोबार या सप्लाई ऑर्डर नहीं है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि कंपनी का रक्षा मंत्रालय (MoD) के साथ भी कोई संबंध या लेन-देन नहीं है। हालांकि, अधिकारियों के मुताबकि हो सकता है कि कंपनी ने राज्य पुलिस बलों को कुछ उपकरण सप्लाई किए हों। क्योंकि कंपनी की वेबसाइट पर इस तरह के दावे किए गए हैं।
NECO डिफेंस नागपुर स्थित कंपनियों के एक समूह का हिस्सा है, जो स्टील निर्माण के कारोबार से जुड़ा है। अधिकारियों ने बताया कि कंपनी ने हाल ही में इटली की एक छोटी कंपनी डेटासेल (Datasel) का अधिग्रहण किया है, जो छोटी बंदूकें और गोला-बारूद बनाने की एक फर्म है। इसके साथ कंपनी की रोमानिया में एक मैन्युफैक्चरिंग ईकाई भी है। इसके साथ ही इस ईकाई के पास एस्टोनिया को सप्लाई करने और वहां से यूक्रेन भेजने के लिए आर्टिलरी शेल भरने का अनुबंध है।
यह मामला 2024 की एक डील की लेकर है। इस विवाद के चलते एस्टोनिया के रक्षा मंत्री हानो पेवकुर ने 2 सितंबर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। विवाद यूक्रेन को तोपखाने के गोले सप्लाई करने के लिए किए गए एक कथित हथियार डील को लेकर है। यूरोन्यूज ने एस्टोनियाई पब्लिक ब्रॉडकास्टर ERR के हवाले से बताया था कि एस्टोनिया सरकार ने 2024 में यूक्रेन के लिए तोपखाने के गोले खरीदने का सौदा किया था। इसके लिए यूरोपीय संघ के यूरोपियन पीस फैसिलिटी से 7 करोड़ यूरो का अग्रिम भुगतान किया गया था। विवाद इसलिए खड़ा हुआ क्योंकि जिन कंपनियों से गोले खरीदने की बात थी, उनका पहले ऐसे हथियार बनाने का कोई रिकॉर्ड नहीं था।
Updated on:
07 Sept 2026 04:59 pm
Published on:
07 Sept 2026 04:59 pm
