
सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह (बाएं) और राहुल गांधी (Photo-IANS)
Punjab Politics: पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने आम आदमी पार्टी में गैंगस्टर से नेता बने गुरप्रीत सिंह सेखों की एंट्री को लेकर पंजाब सरकार और आप पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि AAP आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को मुख्यधारा की राजनीति में जगह दे रही है।
बलकौर सिंह ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में करीब 15 गैंगस्टर चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी में कार्यकर्ताओं से ज्यादा गैंगस्टरों की संख्या नजर आ रही है।
उन्होंने कहा कि पहले दो-चार हत्याएं करो फिर चुनाव लड़ो और सीधे विधानसभा पहुंच जाओ। बलकौर सिंह ने कहा कि अब पंजाब की जनता को तय करना है कि वह आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे लोगों को विधानसभा भेजना चाहती है या फिर ऐसे ईमानदार और सक्षम जनप्रतिनिधियों को चुनना चाहती है, जो जनता के मुद्दे उठाएं और उनके अधिकारों के लिए लड़ें।
बलकौर सिंह ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि राजनीति में आपराधिक तत्वों का बढ़ता प्रभाव आगामी चुनाव को बेहद हिंसक बना सकता है।
बता दें कि यह विवाद तब शुरू हुआ, जब गैंगस्टर से नेता बने गुरप्रीत सिंह सेखों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। सेखों को 2016 के चर्चित नाभा जेलब्रेक मामले का मुख्य आरोपी बताया गया था।
फिरोजपुर जिले के जीरा में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सेखों का पार्टी में स्वागत किया। AAP की पंजाब इकाई ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए कहा था कि AAP की जनहितैषी नीतियों से प्रभावित होकर गुरप्रीत सिंह सेखों और उनके समर्थक पार्टी में शामिल हुए हैं।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि AAP आगामी विधानसभा चुनाव में सेखों को जीरा सीट से मैदान में उतार सकती है। बताया जा रहा है कि सेखों ने करीब 10 दिन पहले ही जीरा में अपना कार्यालय खोला था और जल्द ही चुनाव अभियान शुरू कर सकते हैं।
बता दें कि सेखों नवंबर 2016 में उस समय सुर्खियों में आए थे, जब पंजाब की नाभा जेल से कैदियों को छुड़ाने की घटना हुई थी। इसके करीब तीन महीने बाद 2017 में उन्हें मोगा से गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में उन्हें मुख्य आरोपी बनाया गया था, हालांकि बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था।
गुरप्रीत सिंह सेखों को AAP में शामिल किए जाने के बाद कांग्रेस ने भी आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को घेरते हुए कहा कि जो मान कभी शिरोमणि अकाली दल में गैंगस्टरों की एंट्री का विरोध करते थे, वही अब अपनी पार्टी में ऐसा कर रहे हैं।
वड़िंग ने आरोप लगाया कि AAP और अकाली दल दोनों पंजाब की राजनीति को “गैंगस्टरों का खेल का मैदान” बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब को शांति, रोजगार और विकास की जरूरत है, न कि गैंगस्टर राजनीति की।
शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने भी इस मुद्दे पर AAP सरकार पर तीखा हमला बोला। अकाली दल ने सरकार को “पंजाब की गैंगस्टर सरकार” बताते हुए आरोप लगाया कि AAP गैंगस्टरों के प्रति नरम रुख अपना रही है।
SAD ने सवाल उठाया कि एक पूर्व गैंगस्टर का पार्टी में शामिल होना और मुख्यमंत्री की ओर से उसका सार्वजनिक स्वागत किया जाना सरकार के उन दावों पर गंभीर सवाल खड़े करता है, जिनमें संगठित अपराध और कानून-व्यवस्था पर सख्ती की बात कही जाती है।
Updated on:
7 Sep 2026, 5:04 PM IST
Published on:
7 Sep 2026, 4:56 PM IST
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