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Railway Tatkal Ticket: बैकुंठपुर पीआरएस से बनारस-जौनपुर तक फैला था तत्काल टिकट दलाली का नेटवर्क, अब तक 8 गिरफ्तार

Railway Reservation ticket: तत्काल टिकट दलाली नेटवर्क के मामले में पुलिस ने 2 और आरोपियों को किया गिरफ्तार, महिला समेत 6 आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल, इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर मिला था संदिग्ध आरक्षित टिकट
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सुरजपुर

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Ram Prawesh Vishwakarma

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Updated: 7 Sep 2026, 8:17 PM IST

Tatkal ticket fraud case

Railway Tatkal Ticket, आरपीएफ ने 2 और आरोपियों को किया गिरफ्तार (Photo- Patrika)

बिश्रामपुर। इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर मिले संदिग्ध आरक्षित टिकट (Reserve ticket) की जांच में आरपीएफ ने तत्काल टिकटों की अवैध दलाली के एक नेटवर्क का खुलासा किया है। जांच में बैकुंठपुर सिटी पीआरएस के बुकिंग क्लर्क सहित टिकट दलाल, बस चालक और अन्य सहयोगियों की संलिप्तता सामने आई थी। इसके बाद आरपीएफ पोस्ट अंबिकापुर में 16 अगस्त 2026 को रेल अधिनियम की धारा 143 के तहत मामला दर्ज कर 2 और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में अब तक 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसमें एक महिला भी शामिल है।

बता दें कि 2 अगस्त को इलाहाबाद स्टेशन पर एक संदिग्ध रेलवे आरक्षित टिकट मिला था। उक्त टिकट बैकुंठपुर सिटी पीआरएस से जारी हुआ था। मामला आरपीएफ पोस्ट अंबिकापुर के क्षेत्राधिकार से संबंधित होने पर वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त बिलासपुर के निर्देश अंबिकापुर पोस्ट प्रभारी निरीक्षक सुनीता मिंज को जांच सौंपी गई।

जांच के दौरान टिकट बनाने वाले बैकुंठपुर सिटी पीआरएस (Baikunthpur City PRS) के कर्मचारी अविनाश कुमार, बनारस के टिकट दलाल संजय विश्वकर्मा तथा जौनपुर निवासी सुरेंद्र प्रसाद जायसवाल सहित अन्य संदिग्धों को पूछताछ के लिए आरपीएफ पोस्ट अंबिकापुर लाया गया। जांच में कथित तौर पर सामने आया कि सुरेंद्र प्रसाद जायसवाल ग्राहकों से उनकी यात्रा संबंधी जानकारी लेकर संजय विश्वकर्मा को भेजता था।

संजय यह विवरण व्हाट्सऐप के माध्यम से बैकुंठपुर पीआरएस के कर्मचारी अविनाश कुमार को भेजता था। इसके बाद अविनाश कुमार बैकुंठपुर सिटी पीआरएस से तत्काल टिकट बनाकर बस के माध्यम से बनारस (Banaras) में संजय विश्वकर्मा तक पहुंचाता था। वहां से टिकट जौनपुर में सुरेंद्र प्रसाद जायसवाल तक पहुंचाया जाता था। जांच में टिकटों के किराये और कमीशन के लेनदेन में फोन-पे का इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है।

प्रति यात्री फिक्स था कमीशन

आरपीएफ के अनुसार पूछताछ में प्रति यात्री कथित कमीशन के रूप में सुरेंद्र प्रसाद जायसवाल द्वारा 1500 रुपए, संजय विश्वकर्मा द्वारा 700 रुपए तथा अविनाश कुमार द्वारा 350 रुपए लिए जाने की जानकारी सामने आई। बस चालक को प्रत्येक लिफाफे के लिए दो सौ रुपये दिए जाने की बात भी जांच में सामने आई है। आरोपियों के मोबाइल फोन से व्हाट्सऐप चैट और फोन-पे हिस्ट्री की जांच में कथित तौर पर लेनदेन से संबंधित साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है।

Tatkal ticket: अब तक ये 8 आरोपी गिरफ्तार

तत्काल टिकट अफरा-तफरी मामले (Tatkal ticket fraud) में आरपीएफ ने अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें संजय विश्वकर्मा, बनारस, उत्तर प्रदेश, अविनाश सारथी, बुकिंग क्लर्क, सिटी पीआरएस बैकुंठपुर, मनोज कुमार यादव बस चालक, सुरेंद्र प्रसाद जायसवाल, जौनपुर टिकट दलाल, किरण (अविनाश सारथी की साली एवं कथित सहयोगी), परमेश दुबे टिकट दलाल रायपुर व कुंदन कुमार बुकिंग क्लर्क पीआरएस करंजी शामिल हैं।

3.67 लाख के 60 टिकट जांच के घेरे में

जांच के दौरान आरपीएफ ने संजय विश्वकर्मा के मोबाइल में मौजूद व्हाट्सऐप स्क्रीनशॉट के आधार पर अविनाश कुमार द्वारा काउंटर से बनाए गए 60 तत्काल टिकटों का पता लगाया है। इन टिकटों की कुल कीमत करीब 3 लाख 67 हजार रुपए बताई गई है। इनमें से 14 टिकट हाथ से लिखे हुए पाए जाने की जानकारी भी सामने आई है, जिनकी जांच जारी है।

आरपीएफ (RPF) की जांच में संजय विश्वकर्मा और परमेश दुबे के उत्तर प्रदेश, मुंबई, ओडिशा, रायपुर और बिलासपुर के कथित टिकट दलालों के साथ-साथ कुछ रेलवे कर्मचारियों से संपर्क के साक्ष्य मिलने की बात कही गई है। इससे तत्काल टिकटों की अवैध दलाली का नेटवर्क और बड़ा होने की आशंका जताई जा रही है। मामले में आरपीएफ द्वारा आगे की जांच की जा रही है।

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