Budget 2025: बजट पर पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत के विकास के यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह भारतीय के सपनों को पूरा करने वाला बजट है।
New Income Tax Slab: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को देश का बजट पेश किया। निर्मला सीतारमण का यह लगातार 8वां बजट था। वित्त मंत्री सीतारमण ने बजट में मिडिल क्लास को बड़ी राहत दी है। वित्त मंत्री ने न्यू टैक्स रिजीम के तहत 12 लाख रुपये सालाना तक की इनकम को आयकर के दायरे से बाहर रखने का ऐलान किया है। इससे आम लोगों को फायदा होगा।
बजट पर अब नेताओं की प्रतिक्रिया आना शुरू हो गया है। बजट पर पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत के विकास के यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह भारतीय के सपनों को पूरा करने वाला बजट है। हमने सेक्टर्स युवाओं के लिए खोल दिए हैं। ये बजट एक फोर्स मल्टीप्लायर है ये बजट बचत को बढ़ाएगा, निवेश को बढ़ाएगा और ग्रोथ को भी तेजी से बढ़ाएगा। मैं वित्त मंत्री को इसके लिए बधाई देता हूं।
बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने केंद्रीय बजट पर कहा कि यह नागरिकोन्मुखी बजट है, नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए लाया गया है। 12 लाख रुपये तक कोई टैक्स नहीं है, आम आदमी के लिए इससे ज्यादा फायदेमंद और क्या हो सकता है। मुझे लगता है कि इस बार का बजट 2047 के विकसित भारत की आधारशिला है।
बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह देश के विकास का बजट है। देश में पूंजी निवेश हो, रोजगार के अवसर उपलब्ध हों, छोटे उद्योग बढ़ें, किसानों का ध्यान रखा गया है। बिहार के लिए की गई घोषणाओं के लिए प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को धन्यवाद कि उन्होंने बिहार का ध्यान रखा है। 12 लाख रुपये तक की टैक्स छूट दी गई है, यह ड्रीम बजट है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बजट पर कहा मध्यम वर्ग को आप इनकम टैक्स में बड़ी राहत देते हैं। तो उससे उपभोग को बहुत बड़ा प्रोत्साहन मिलता है इसके साथ ही MSMEs में कई सारे बदलाव किए गए। हर एक को कुछ न कुछ लाभ और सुविधा देकर एक समावेशी संतुलित बजट सोचकर बनाया गया है।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्रीय बजट 2025 की प्रशंसा करते हुए इसे "मध्यम वर्ग की जीत" बताया। प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि मैं कहूंगी कि यह मध्यम वर्ग की सबसे बड़ी जीत है। पिछले 10 सालों से मध्यम वर्ग की मांग रही है कि हम अपनी सैलरी से ज़्यादा टैक्स देते हैं। आज आखिरकार उनकी मांगें सुनी गई हैं, इसलिए मैं इसका स्वागत करती हूं। बिहार के लोग सोच रहे होंगे कि अगर बिहार में हर साल चुनाव होते तो बेहतर होता। बिहार में चुनाव आ रहे हैं, यह दो तरह से पता चलता है जब ध्रुवीकरण शुरू होता है और जब आम आदमी के लिए बजट घोषित होता है।