
Budget 2025: संसद का बजट सत्र (Budget Session 2025) का आगाज शुक्रवार को हो गया है, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (Droupadi Murmu) दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया। 1 फरवरी यानी आज चंद घंटों के बाद बजट पेश कर दिया जाएगा। कल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) लगातार 8वां केंद्रीय बजट पेश करेंगी। देश की जनता के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या सस्ता होगा और क्या महंगा होगा। पिछले साल वित्त मंत्री ने कई बड़े एलान किए हैं, जिनसे चीजों के दाम में बदलाव देखा गया था। 2024 में वित्त मंत्री ने 7 चीजों पर कस्टम ड्यूटी घटाई और 2 पर बढ़ाई थी। इसका मतलब कि 7 प्रोडक्ट सस्ते और 2 महंगे हुए थे।
2024 के बजट में वित्त मंत्री ने महिलाओं को भी बड़ा तोहफा दिया था। उन्होंने सोने और चांदी पर कस्टम ड्यूटी घटाकर 6 फीसदी कर दी थी। इससे सोने और चांदी से बनने वाले गहने सस्ते हुए थे। यह आभूषण के शौकीनों महिलाओं के लिए बड़ी राहत थी।
2025 में इन उत्पादों के घट सकते हैं दाम
1- इलेक्ट्रॉनिक्स और गैजेट्स (स्मार्टफोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी), इन प्रोडक्ट के उपकरणों पर आयात शुल्क में कटौती की संभावना है।
2- इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) में भी स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी या कर प्रोत्साहन की उम्मीद है।
3- जीवन रक्षक दवाओं (कैंसर और दुर्लभ रोगों के उपचार) की पहुंच बढ़ाने के लिए टैक्स छूट की संभावना।
4- टेक्सटाइल और गारमेंट्स की उत्पादन लागत को कम करने के लिए सरकारी समर्थन और शुल्क कटौती।
5- घरेलू उपकरण के लिए अगर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर टैक्स कटौती होती है तो वॉशिंग मशीन, एसी और फ्रिज सस्ते हो सकते हैं।
6- सोलर पैनल और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पाद पर भी हरित ऊर्जा को अपनाने के लिए सरकारी प्रोत्साहन की संभावना है।
7- सस्ते घर के लिए होम लोन पर टैक्स लाभ या ब्याज में कटौती की संभावना।
2025 में इन उत्पादों के दाम में आ सकता है उछाल
1- लग्जरी सामान और हाई क्लास इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट से जुड़े प्रीमियम उत्पादों पर जीएसटी बढ़ने की संभावना।
2- आयातित ऑटोमोबाइल जैसे लग्जरी और उच्च-स्तरीय इम्पोर्टेड कारों पर कस्टम ड्यूटी में वृद्धि की संभावना।
3- तंबाकू और सिगरेट पर स्वास्थ्य उपाय के रूप में टैक्स में वृद्धि की संभावना है।
4- शराब की खपत को कम करने के लिए उत्पाद शुल्क में वृद्धि की संभावना दिख रही।
5- सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं पर आयात शुल्क में वृद्धि की संभावना दिख रही।
6- हवाई यात्रा से जुड़े विमानन ईंधन टैक्स में वृद्धि से टिकट की कीमतों पर असर पड़ सकता है।
7- मोबाइल रिचार्ज प्लान और इंटरनेट सेवाएं को दूरसंचार बुनियादी ढांचे की बढ़ती लागत के कारण महंगा किया जा सकता है।