
Abhishek Banerjee Foreign Travel Plea for Medical Treatment: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी को इलाज के लिए विदेश जाने की मांग पर फिलहाल राहत नहीं मिली है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने उनकी याचिका पर तत्काल अनुमति देने से इनकार दिया। कोर्ट ने कहा कि पहले कोलकाता के सरकारी एसएसकेएम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के विशेषज्ञ उनकी चिकित्सकीय जांच करेंगे। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट मिलने के बाद ही कोर्ट विदेश यात्रा की अनुमति पर विचार करेगी।
मामले की सुनवाई के दौरान अभिषेक बनर्जी की ओर से पेश वकील ने कोर्ट से विदेश में आंखों के इलाज की अनुमति देने का अनुरोध किया। इस पर जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने पूछा कि क्या उन्होंने किसी नेत्र विशेषज्ञ से हाल में परामर्श लिया है? अदालत ने स्पष्ट किया कि एसएसकेएम अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट के बिना इस संबंध में कोई फैसला नहीं लिया जाएगा। इस पर बचाव पक्ष ने बताया कि अभिषेक बनर्जी पिछले करीब 10 वर्षों से अमेरिका में अपनी आंखों का इलाज करा रहे हैं।
वहीं, राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजूमदार ने विदेश यात्रा की अनुमति का विरोध किया। उन्होंने अदालत को बताया कि अभिषेक बनर्जी के खिलाफ हेट स्पीच समेत कई मामले लंबित हैं। ऐसे में उन्हें विदेश जाने की अनुमति देने से जांच प्रभावित हो सकती है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने एसएसकेएम अस्पताल के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष को मेडिकल बोर्ड गठित कर अभिषेक बनर्जी की जांच कराने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। इस मामले की अगली सुनवाई अगस्त में निर्धारित की गई है।
इसी सुनवाई के दौरान अदालत ने हेट स्पीच मामले में अभिषेक बनर्जी को मिली अंतरिम राहत भी अक्टूबर तक बढ़ा दी। इसके तहत उन्हें पुलिस की किसी भी कठोर कार्रवाई, जिसमें गिरफ्तारी भी शामिल है, से फिलहाल संरक्षण मिलता रहेगा। हालांकि, कोर्ट ने उन्हें जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया है। साथ ही राज्य की सीआईडी को मामले की जांच जल्द पूरी करने के लिए भी कहा गया है।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान अभिषेक बनर्जी पर कथित रूप से भड़काऊ बयान देने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी देने का आरोप है। इसी मामले की जांच और उससे जुड़े कानूनी पहलुओं के बीच उन्होंने आंखों के इलाज के लिए विदेश यात्रा की अनुमति मांगी थी।