DGMA का e-NAVIK पोर्टल पर सीफेयरर ट्रैकिंग मॉड्यूल लॉन्च. photo credit: IANS
Seafarer Tracking Module: भारतीय और विदेशी झंडे वाले जहाजों पर काम कर रहे भारतीय नाविकों (सीफेयरर्स) की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन (DGMA) ने अपने e-NAVIK पोर्टल पर 'सीफेयरर ट्रैकिंग मॉड्यूल' लॉन्च किया है, जिसके जरिए जोखिम भरे समुद्री इलाकों से गुजरने वाले जहाजों पर मौजूद भारतीय नाविकों की निगरानी की जा सकेगी।
DGMA ने एक सर्कुलर जारी कर बताया कि मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव और समुद्री सुरक्षा से जुड़े बढ़ते खतरों के चलते मर्चेंट शिपिंग और नाविकों को कई क्षेत्रों में ज्यादा जोखिम का सामना करना पड़ रहा है। इनमें होर्मुज जलडमरूमध्य, फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी, लाल सागर, अदन की खाड़ी, बाब-अल-मंडेब, काला सागर और सोमालिया प्रमुख हैं। बड़ी संख्या में भारतीय नाविक इन्हीं इलाकों से गुजरने वाले जहाजों पर तैनात हैं, जिससे वे लगातार सुरक्षा जोखिमों के दायरे में रहते हैं।
DGMA का मानना है कि इस निगरानी सिस्टम से किसी भी आपात स्थिति में समय पर जानकारी मिल सकेगी, बेहतर तालमेल बन सकेगा और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। फिलहाल यह मॉड्यूल बीटा वर्शन में है और रिक्रूटमेंट एंड प्लेसमेंट सर्विस लाइसेंसधारियों (RPSL) व शिपिंग कंपनियों द्वारा अपडेट किए जाने के बाद यह पूरी तरह प्रभावी हो सकेगा।
DGMA ने सभी RPSL और शिपिंग कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे जहाज की पहचान, यात्रा से जुड़ी जानकारी, जहाज पर मौजूद भारतीय नाविकों का विवरण और लागू होने पर RPSL की जानकारी मॉड्यूल में अपडेट करें। जिन जहाजों की स्थिति फिलहाल पता नहीं है, उन्हें ड्रॉप-डाउन मेनू से भौगोलिक क्षेत्र चुनकर जोड़ा जा सकता है, और बाद में जानकारी मिलते ही उसे अपडेट किया जा सकता है।
अथॉरिटी ने स्पष्ट किया है कि तुरंत प्रभाव से सभी RPSL और जहाज मालिकों/ऑपरेटरों को हाई-रिस्क इलाकों में चल रहे जहाजों और उन पर मौजूद भारतीय क्रू की जानकारी प्राथमिकता के आधार पर अपडेट करनी होगी। इसके बाद केवल जहाज की रोजाना स्थिति और क्रू के साइन-ऑन, साइन-ऑफ की जानकारी नियमित अंतराल पर अपडेट करनी होगी। DGMA ने भरोसा दिलाया है कि मॉड्यूल में दर्ज डेटा, खासकर जहाजों की स्थिति से जुड़ी जानकारी, पूरी तरह गोपनीय और एक्सेस-कंट्रोल्ड रहेगी।
Updated on:
05 Sept 2026 02:01 am
Published on:
05 Sept 2026 02:01 am
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