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कैंसर की दवाओं की कीमत कैसे तय होगी? सुप्रीम कोर्ट में भारत सरकार ने बताई पूरी योजना

Supreme Court: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि उसने कैंसर की दवाओं पर अत्यधिक मुनाफे को रोकने और मार्जिन तय करने के लिए ट्रेड मार्जिन को रेगुलेट करने का फैसला किया है।
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Oct 12, 2026
Supreme Court
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो- पत्रिका)

Cancer drug prices: कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की कीमतों को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में अहम जानकारी दी है। सरकार ने बताया कि कैंसर की दवाओं पर मुनाफे की सीमा तय की जाएगी। इससे दवाओं की जरूरत से ज्यादा कीमत नहीं बढ़ाई जा सकेगी और मरीजों को उचित दामों में दवाएं मिलेंगी। वाजिब मार्जिन तय करने के लिए ट्रेड मार्जिन को रेगुलेट करने का फैसला किया है। इसके तहत 30 फीसदी ट्रेड मार्जिन सीमा के दायरे में आने वाली दवाओं की सूची जारी की जाएगी।

समय-समय पर अपडेट होगी दवाओं की सूची

सोमवार को सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार इस संबंध में फैसला कर चुकी है। उन्होंने कहा कि बाजार में होने वाले बदलाव और लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को देखते हुए दवाओं की सूची समय-समय पर अपडेट की जाएगी। हालांकि, कम कीमत वाली दवाओं को इस व्यवस्था से बाहर रखा जाएगा।

सप्लाई चेन के मुनाफे पर लगेगी रोक

सरकार अब उन कैंसर की दवाओं की सूची अधिसूचित करेगी, जिन पर 30 फीसदी ट्रेड मार्जिन की सीमा लागू होगी। इसका उद्देश्य दवाओं की सप्लाई चेन में लगने वाले ज्यादा मुनाफे पर रोक लगाना है। सप्लाई चेन में दवा बनाने वाली कंपनी से लेकर डिस्ट्रीब्यूटर, स्टॉकिस्ट और खुदरा विक्रेता तक शामिल होते हैं।

इससे पहले सामने आई रिपोर्टों में करीब 110 गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं को इस व्यवस्था में शामिल करने की संभावना जताई गई थी। इनमें कुछ पेटेंट वाली दवाएं भी शामिल बताई गई थीं। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, इस कदम से कुछ दवाओं की अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) में 20 से 70 फीसदी तक की कमी आ सकती है। हालांकि, कितनी दवाओं की कीमत कितनी घटेगी, यह अंतिम सूची और लागू होने वाली व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने पूरे दवा बाजार की जांच पर दिया जोर

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दवाओं की कीमतों की समीक्षा केवल कैंसर की दवाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। अदालत ने पूरे दवा बाजार में कीमतें तय करने वाली व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया। अदालत में ऐसी याचिका पर सुनवाई हो रही है, जिसमें गैर-अनुसूचित दवाओं की शुरुआती कीमतों को नियंत्रित करने और मेडिकल डिवाइस की कीमतों पर सीमा लगाने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को अगली सुनवाई के लिए 27 अक्टूबर को सूचीबद्ध किया है।

Updated on:
12 Oct 2026 04:09 pm
Published on:
12 Oct 2026 04:09 pm