
Mahadev App Betting Case: महादेव ऐप से जुड़े सट्टेबाजी और भ्रष्टाचार के मामले में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने गुरुवार को छह चार्जशीट दायर कीं। ये चार्जशीट असीम दास, रोहित गुलाटी, विकास छपरिया, अनिल धम्मानी, विशाल आहूजा और धीरज आहूजा के खिलाफ 'प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट' के प्रावधानों और धोखाधड़ी, जालसाजी व आपराधिक साजिश से जुड़े आरोपों के तहत दायर की गई हैं। इसके अलावा, जांच एजेंसी ने सिंडिकेट के मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ अदालत में और ठोस सबूत पेश किए हैं, जिनके खिलाफ पहले ही चार्जशीट दायर की जा चुकी थी।
इस बीच, महादेव सट्टेबाजी ऐप सिंडिकेट मामले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान में पकड़ा गया है। उसे भारत लाने के लिए जांच एजेंसियां प्रत्यर्पण या निर्वासन की कोशिशों में जुट गई हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ निवासी चंद्राकर महादेव सट्टेबाजी ऐप का संस्थापक है। उसे रॉयल ओमान पुलिस ने भारतीय जांच एजेंसियों के आग्रह पर कुछ हफ्ते पहले हिरासत में लिया। उसके खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था।
भारतीय जांच एजेंसियों ने पहले बताया था कि चंद्राकर दुबई में है, जहां 2024 में उसे हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया। इसके बाद वह दक्षिण-पूर्व एशियाई देश के पासपोर्ट पर सफर कर रहा था। हालांकि, कुछ साल पहले चंद्राकर ने कथित सट्टेबाजी मामले से किसी भी तरह के संबंध से इनकार करते हुए एक बयान जारी किया था।
बता दें कि सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई शहर में अपने भाई के साथ जूस की दुकान चलाता था। वह 2019 में दुबई गया था।
मार्च में ईडी ने चंद्राकर और उससे जुड़ी कंपनियों की 1700 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी। इनमें से ज्यादातर संपत्ति दुबई में हैं, जिनमें दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा में मौजूद एक संपत्ति भी शामिल है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का आरोप है कि महादेव सट्टेबाजी ऐप का संचालन एक व्यापक अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजी सिंडिकेट के तौर पर किया जा रहा था, जो ‘टाइगर एक्सचेंज’, ‘गोल्ड365’ और ‘लेजर247’ जैसे कई ऑनलाइन मंच और डोमेन नाम के जरिये अवैध रूप से सट्टा लगाने की सुविधा देता था। देश भर में इसको लेकर कई मामले दर्ज है।