
जलभराव से निकलते वाहन। फोटो- एएनआई
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून गुरुवार को राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों में आगे बढ़ते हुए पूरे देश में फैल गया है। मौसम विभाग की विज्ञप्ति के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों में एक स्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके प्रभाव से गुरुवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और आज-कल उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने के आसार हैं।
इसके विपरीत आज से देश के मध्य हिस्सों (महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश) में और कल से दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियों में काफी कमी आने के आसार हैं। विभाग ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र और मेघालय में अत्यधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों, तमिलनाडु, कोंकण, केरल और त्रिपुरा में अत्यधिक बारिश हुई है। केरल, मराठवाड़ा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान भी देखा गया।
विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 15 जुलाई तक व्यापक बारिश जारी रह सकती है। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में शुक्रवार को भारी बारिश की चेतावनी दी है। विभाग ने उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आज-कल अत्यधिक बारिश के कारण भूस्खलन, कीचड़ के बहाव और निचले इलाकों में जलभराव की चेतावनी जारी करते हुए अचानक बाढ़ का खतरा जताया है। विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों जैसे हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के किसानों के लिए जारी परामर्श में मक्का, राजमा और सब्जियों के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने तथा मौसम साफ होने तक राजमा की बुवाई रोकने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के किसानों को भी जलभराव से फसलों को बचाने के लिए जल निकासी की उचित व्यवस्था करने को कहा है। इसके अलावा मछुआरों को 14 जुलाई तक अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के अशांत क्षेत्रों में न जाने की चेतावनी दी है। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 6-8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आयी है और अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तराखंड के देहरादून, टिहरी, पौडी, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और चम्पावत जिलों के कुछ स्थानों में अतिवृष्टि तथा कहीं-कहीं गर्जन के साथ बिजली चमकने एवं तेज बारिश होने के दृष्टिगत लाेगों से सावधानी बरतने की अपील की है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी इसके लिए निर्देश जारी किए हैं। वहीं आईएमडी की वैज्ञानिक डॉ. लता ने अगले 24 घंटों में दक्षिण कन्नड़, उडुपी, उत्तर कन्नड़, शिवमोग्गा, हासन, चिकमगलूर और कोडगु जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान लगाया है।
बेलगावी के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है और वहां भी भारी बारिश की संभावना है। उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज में गुरुवार सुबह हुई मानसून की पहली जोरदार बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी। शहर के पुराने मोहल्लों से लेकर पॉश इलाके सिविल लाइंस तक जलभराव की स्थिति पैदा हो गई, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
Updated on:
09 Jul 2026 05:25 pm
Published on:
09 Jul 2026 05:24 pm
