ABG Shipyard sacm: सीबीआई ने देश के सबसे बड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में ABG Shipyard लिमिटेड और उसके तत्कालीन अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ऋषि कमलेश अग्रवाल सहित अन्य के खिलाफ जारी किया लुकआउट नोटिस।
सीबीआई ने मंगलवार को जानकारी दी कि 22,842 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में आरोपियों के खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया गया है। सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि अब इस मामले से जुड़े आरोप देश छोड़कर बाहर नहीं जा सकते हैं क्योंकि इनके लिए नोटिस जारी कर दिया गया है।
गौरतल है कि जांच एजेंसी ने 7 फरवरी को एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड और उसके पूर्व अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक ऋषि कमलेश अग्रवाल के साथ-साथ तत्कालीन कार्यकारी निदेशक संथानम मुथास्वामी, निदेशक अश्विनी कुमार, सुशील कुमार अग्रवाल और रवि विमल नेवेटिया और एक अन्य कंपनी एबीजी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ ICICI बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के एक समूह के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप में मामला दर्ज किया था। ये मामला IPC and the Prevention of Corruption Act के तहत दर्ज किया गया है।
कंपनी पर आरोप है कि उसने 2012 और 2017 के बीच सिंगापुर और अन्य माध्यमों में सहायक कंपनियों के माध्यम से ऋण राशि को डायवर्ट किया। ये FIR भारतीय स्टेट बैंक की 2019 की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है, जो कंपनी को ऋणदाताओं में से एक है।
बता दें कि कांग्रेस ने गुजरात के एबीजी शिपयार्ड द्वारा 22,842 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। कांग्रेस ने कहा था कि पीएम मोदी को ये बताना चाहिए कि आखिर ये धोखाधड़ी कैसे हुई और वो चुप कैसे हैं।
वहीं, इस मामले पर वित्त मंत्री ने कहा कि ABG शिपयार्ड का अकाउंट नवंबर, 2013 में ही नॉन परफार्मिंग अकाउंट (NPA) घोषित हुआ था। इस मामले में एक्शन लिए जाने की भी उन्होंने बात कही।
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