बिहार में फर्जी निर्यात बिलों की मदद से जीएसटी का दावा करके 100 करोड़ का घोटाला करने के मामले में सीबीआई ने पटना समेत 7 ठिकानों पर छापेमारी की।
100 करोड़ रुपए के जीएसटी रिफंड घोटाला मामले में सीबीआई ने शनिवार को बिहार और झारखंड में सात जगहों पर छापेमारी की। हाल ही बिहार में फर्जी निर्यात बिलों की मदद से जीएसटी का दावा करके घोटाला करने का यह मामला सामने आया है। मामले की जांच कर रही सीबीआई टीम ने पटना और पूर्णिया में दो - दो जगहों समेत जमशेदपुर, नालंदा और मुंगेर में छापेमारी की। इस दौरान 100 ग्राम वजन के 7 सोने के गोल्ड बार के अलावा कई जरूरी दस्तावेज, मोबाइल और फर्जी जीएसटी क्लेम के पेपर बरामद किए गए।
मामले में पटना के अतिरिक्त आयुक्त समेत पांच कस्टम अधिकारियों और 30 ठेकेदारों पर टाइल्स और ऑटो-पार्ट्स के नकली निर्यात बिल बना कर इसके एवज में करीब 100 करोड़ रुपये रिफंड लेने का आरोप है। एफआईआर के मुताबिक, भीमनगर के लैंड कस्टम स्टेशन, सीमा शुल्क के दो अधीक्षक, लैंड कस्टम स्टेशन, सीमा शुल्क जयनगर के दो अधीक्षक और तत्कालीन अतिरिक्त आयुक्त के अलावा सीमा शुल्क, पटना ने अभियुक्त के साथ मिल कर यह साजिश रची थी।
ऑटोमोबाइल पार्ट्स आयात के नाम इन लोगो ने कई फर्मों के साथ मिल कर घोटाला किया जिस कारण से सरकार को लगभग 100 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। घोटाले की शुरुआत बिहार-नेपाल बॉर्डर पर मौजूद जयनगर, भीमनगर और भिट्टामोर जैसे इलाकों से हुई। कागजों में इन्हीं इलाकों से टाइल्स और ऑटो पार्ट्स का निर्यात दिखा कर झूठा जीएसटी रिफंड लिया गया। इस घोटाले में शामिल अफसरों और कंपनियों की जांच अब सीबीआई को सौंपी गई है। हालांकि इस मामले में अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की गई है।