राष्ट्रीय

Census 2027: 95 साल बाद पूछेंगे जाति क्या है, क्यों घर छोड़ा…कितने बैंक खाते?

केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के दूसरे चरण के लिए 40 सवालों की सूची जारी कर दी है। आइए नज़र डालते हैं इन सवालों पर।
2 min read
Aug 15, 2026
Census 2027
जनगणना 2027 (Photo - ANI)

स्वतंत्र भारत में पहली बार और देश के इतिहास में 95 साल बाद सरकार नागरिकों के घर पर आकर पूछेगी, आपकी जाति क्या है? आपके बैंक में कितने खाते हैं? आपने कमाई के लिए घर क्यों छोड़ा यानी पलायन क्यों किया? जी हां, जनगणना के दूसरे चरण के लिए गृह मंत्रालय की ओर से जारी 40 प्रश्नों की सूची में ये प्रश्न पहली बार शामिल किए गए हैं। स्वतंत्रता दिवस से पहले जारी प्रश्नों की सूची के जवाब से तिरंगे की छांव में देश की विविधता के रंग सामने आएंगे।

पहले भी हुई थे जातीय जनगणना

देश में इससे पहले अंग्रेजों के शासनकाल में 1931 में जातीय जनगणना हुई थी। आज़ादी के बाद हुई जनगणना में अनुसूचित जाति-जनजाति के आंकड़े एकत्र किए जाते थे लेकिन जातीय गणना पहली बार होगी। जातिगत आंकड़ों को लेकर लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस चलती रही है। ऐसे में जनगणना 2027 के ये आंकड़े आने के बाद यह डेटा नीतियों, आरक्षण और सामाजिक प्रतिनिधित्व से जुड़ी बहस में बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।

कब से शुरू होगा दूसरा चरण?

जनगणना का दूसरा चरण 17 अगस्त 2026 से लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड तथा हिमाचल प्रदेश के बर्फीले क्षेत्रों में शुरू होगा। देश के बाकी हिस्सों में यह फरवरी 2027 में कराया जाएगा। परिणाम 1 अप्रैल 2027 को जारी होंगे।

कौनसे होंगे प्रमुख सवाल?

जनगणना के दूसरा चरण में कई सवाल प्रमुख होंगे। जैसे शादी के समय उम्र, व्यक्ति द्वारा बताई गई राष्ट्रीयता, धर्म, जाति, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, दिव्यांगता, मातृभाषा और अन्य ज्ञात भाषाएं, साक्षरता और डिजिटल साक्षरता की स्थिति, उच्चतम शैक्षणिक स्तर/फैकल्टी, पिछले एक साल में किसी समय काम किया या नहीं, व्यवसाय, उद्योग, व्यापार या सेवा की प्रकृति, काम की तलाश या काम के लिए उपलब्धता, जन्म स्थान, पिछला निवास स्थान, पलायन का कारण, कोविड वैक्सीन कहाँ लगवाई आदि।

खुला रहेगा जाति का काॅलम, आगे हो सकती है दिक्कत

जनगणना के सवाल नंबर-10 में जाति का काॅलम ड्राप डाउन मेन्यू से नहीं बल्कि खुला रखा गया है। इसमें नागरिक से अजा-जजा या जाति पूछी जाएगी। यानी गणनाकर्मी किसी तय सूची में से विकल्प चुनने के बजाय उत्तरदाता द्वारा बताई गई जाति को दर्ज करेगा। जानकार सूत्रों का मानना है कि जाति का कॉलम खुला रखने से आगे स्पष्ट आंकड़े संग्रहण में समस्या आ सकती है क्योंकि लोग जाति में उपजाति, गोत्र या प्रदेशों में एक ही जाति के अलग-अलग नाम दर्ज करवा सकते हैं।

आधार से लेकर बैंक अकाउंट तक की जानकारी

इस बार जनगणना में सिर्फ सामाजिक और आर्थिक स्थिति ही नहीं, बल्कि कुछ पहचान संबंधी जानकारियाँ भी शामिल की गई हैं। इनमें कुल बैंक खाते, उपलब्ध होने पर मोबाइल, आधार, वोटर आइडी और पासपोर्ट नंबर भी दर्ज किए जाएंगे। ड्राइविंग लाइसेंस होने की जानकारी भी ली जाएगी।

Updated on:
15 Aug 2026 01:38 am
Published on:
15 Aug 2026 01:38 am