
प्रतीकात्मक तस्वीर
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने टीवी चैनलों पर एक घंटे में अधिकतम 12 मिनट विज्ञापन दिखाने की सीमा हटाने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से टीवी प्रसारण क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और चैनलों के लिए कारोबार करना आसान होगा। हालांकि नया नियम तभी लागू होगा, जब संशोधित नियमों को राजपत्र में अधिसूचित किया जाएगा। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि 12 मिनट की सीमा साल 2006 में लागू की गई थी। उस समय देश में केवल 62 टीवी चैनल थे और केबल टीवी का नेटवर्क मुख्य रूप से एनालॉग तकनीक पर चलता था। इसकी क्षमता सीमित होने के कारण दर्शकों के पास चैनलों के विकल्प भी कम थे।
इसके बाद टीवी क्षेत्र में तेजी से बदलाव आया। अब देश में 900 से अधिक टीवी चैनल चल रहे हैं। केबल टीवी का पूरी तरह डिजिटलीकरण हो चुका है। इसके अलावा डीटीएच, केबल टीवी, एचआईटीएस और आईपीटीवी जैसी सेवाओं के विस्तार से दर्शकों के पास सैकड़ों चैनलों के विकल्प उपलब्ध हैं। मंत्रालय के अनुसार टीवी प्रसारण क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के साथ बाजार की स्थिति भी बदल गई है। ऐसे में साल 2006 में बनाए गए विज्ञापन संबंधी नियमों की दोबारा समीक्षा की जरूरत महसूस हुई। सरकार का मानना है कि अब टीवी चैनलों के बीच और टीवी तथा डिजिटल माध्यमों के बीच पर्याप्त प्रतिस्पर्धा है।
डिजिटल माध्यमों पर विज्ञापन की अवधि को लेकर टीवी जैसा कोई समान प्रतिबंध नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि इस वजह से टीवी चैनलों के सामने डिजिटल की तुलना में अलग तरह की स्थिति बन रही थी। विज्ञापन से टीवी चैनलों की आय का बड़ा हिस्सा आता है। यह बात भुगतान वाले और मुफ्त दोनों तरह के चैनलों पर लागू होती है। सरकार ने इसी आधार पर विज्ञापन की 12 मिनट की सीमा हटाने का फैसला किया है। इससे चैनलों को विज्ञापन दिखाने में अधिक स्वतंत्रता मिलेगी और वे अपनी आय के हिसाब से विज्ञापन का समय तय कर सकेंगे।
अब तक लागू व्यवस्था को आमतौर पर ‘10+2’ नियम कहा जाता था। इसके तहत एक घंटे में अधिकतम 12 मिनट विज्ञापन की अनुमति थी। इसमें 10 मिनट व्यावसायिक विज्ञापन और दो मिनट चैनल के अपने प्रचार के लिए निर्धारित थे। यह फैसला दिल्ली हाईकोर्ट के मई में दिए गए उस फैसले के कुछ महीने बाद आया है, जिसमें अदालत ने 12 मिनट की विज्ञापन सीमा को बरकरार रखा था। अदालत ने इसे दर्शकों के टीवी देखने के अनुभव को ध्यान में रखते हुए बनाया गया वैध नियामकीय प्रावधान माना था। सरकार का नया फैसला संशोधित केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994 को राजपत्र में अधिसूचित किए जाने की तारीख से लागू होगा।
Updated on:
14 Aug 2026 10:01 pm
Published on:
14 Aug 2026 09:59 pm
