
Andhra Pradesh Politics: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन.चंद्रबाबू नायडू ने वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी पर निशाना साधते हुए उनके परिवार से जुड़े विवादों का जिक्र किया। नायडू ने तंज कसते हुए कहा कि जगन रेड्डी का अपनी भतीजी की शादी को लेकर विवाद हुआ और अब वह अपनी मां व बहन के साथ भी संपत्ति को लेकर लड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इन बातों के जरिए जगन रेड्डी के व्यवहार पर सवाल उठाए।
नायडू ने जगन रेड्डी पर राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर बार-बार गलत बयान देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जगन हर सप्ताह बेंगलुरु से आंध्र प्रदेश आते हैं और करीब तीन घंटे तक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर आरोप लगाते हैं। नायडू के मुताबिक, इन बयानों के जरिए यह दिखाने की कोशिश की जा रही है कि राज्य में हालात बिगड़ चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जगन रेड्डी राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग करके राजनीतिक फायदा लेना चाहते हैं। हालांकि, ये नायडू के आरोप हैं और इन्हें लेकर दोनों दलों के बीच राजनीतिक खींचतान जारी है।
आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर भी दोनों दलों के बीच विवाद चल रहा है। जगन रेड्डी ने आरोप लगाया था कि सत्ताधारी गठबंधन विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोक रहा है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार से दखल देने और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की थी।
इसके जवाब में नायडू ने जगन रेड्डी की पिछली सरकार के समय हुए स्थानीय निकाय चुनावों का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उस दौरान कई सीटों पर उम्मीदवारों को निर्विरोध चुना गया और विपक्षी उम्मीदवारों पर दबाव बनाया गया।
नायडू के मुताबिक, जगन रेड्डी की सरकार के समय मंडल परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (MPTC) की 24 प्रतिशत और जिला परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों (ZPTC) की 76 प्रतिशत सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस समय वाईएसआर कांग्रेस के उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने के लिए पुलिस सुरक्षा दी जाती थी और सरकारी गाड़ियों से ले जाया जाता था।
मुख्यमंत्री ने इन पुराने चुनावों का हवाला देकर जगन रेड्डी के मौजूदा आरोपों पर सवाल उठाए। दूसरी ओर, वाईएसआर कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी और विपक्षी उम्मीदवारों को रोकने के आरोप लगा रही है।
परिवार से जुड़े विवादों पर तंज और चुनाव को लेकर आरोप-प्रत्यारोप के बीच आंध्र प्रदेश की राजनीति में दोनों नेताओं के बीच टकराव और बढ़ गया है।