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शी जिनपिंग के भारत दौरे के बीच तिब्बती नेता की अपील, बोले- पहले चीन में शांति कायम करें

Tibet-China Relations: तिब्बती नेता पेनपा त्सेरिंग ने शी जिनपिंग से तिब्बत मुद्दे के समाधान के लिए बातचीत फिर शुरू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि चीन को वैश्विक शांति की बात करने से पहले अपने देश में शांति कायम करनी चाहिए। तिब्बती नेतृत्व की ‘मिडिल वे पॉलिसी’ संवाद और वास्तविक स्वायत्तता पर जोर देती है।
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Updated: 12 Sep 2026, 10:46 AM IST
China Tibet dialogue
शी जिनपिंग के भारत दौरे के बीच तिब्बती नेता पेनपा त्सेरिंग ने की अपील (Photo-ANI)

BRICS Summit: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में उनकी भागीदारी के बीच तिब्बती नेतृत्व ने उनके सामने तिब्बत मुद्दे के समाधान के लिए बातचीत शुरू करने की अपील की है। सेंट्रल तिब्बतन एडमिनिस्ट्रेशन (CTA) के सिक्योंग पेनपा त्सेरिंग ने कहा कि अगर चीन दुनिया को बेहतर जगह बनाने की बात करता है, तो उसे इसकी शुरुआत अपने देश से करनी चाहिए।

मीडिया से बातचीत करते हुए तिब्बती नेता ने कहा कि ब्रिक्स सम्मेलन को चीन की बढ़ती बहुपक्षीय सक्रियता के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तिब्बती नेतृत्व हमेशा देशों के बीच बेहतर संबंधों का समर्थन करता रहा है, जिसमें भारत और चीन के संबंध भी शामिल हैं। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने जोर दिया कि तिब्बती लोगों की आकांक्षाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

'बातचीत ही आगे बढ़ने का रास्ता'

पेनपा त्सेरिंग ने कहा कि चीन की सरकार के साथ संबंधों में भरोसे की कमी अभी भी एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को सुलझाने का रास्ता बातचीत से ही निकल सकता है।

जब उनसे पूछा गया कि क्या वह राष्ट्रपति शी जिनपिंग को तिब्बतियों के साथ बातचीत फिर से शुरू करने का कोई संदेश देना चाहते हैं, तो उन्होंने तिब्बती नेतृत्व की 'मिडिल वे पॉलिसी' नीति का जिक्र किया। दरअसल, यह नीति चीन से अलग होने के बजाय बातचीत के जरिए तिब्बत के लिए वास्तविक स्वायत्तता और राजनीतिक समाधान की वकालत करती है।

पेनपा त्सेरिंग ने अपने जवाब में कहा कि अगर चीन वास्तव में इस दुनिया को रहने के लिए एक बेहतर जगह बनाना चाहता है, तो सबसे पहले उसे चीन को रहने के लिए एक बेहतर जगह बनाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि दुनिया में शांति की बात करने से पहले अपने देश और समाज में शांति कायम करना जरूरी है।

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आपको और कितनी जमीन चाहिए? अगर शांति होनी है, तो इसकी शुरुआत अपने घर से होनी चाहिए। जब आपके अपने घर में शांति नहीं है, तो आप बाहरी दुनिया में शांति की बात कैसे कर सकते हैं?

तिब्बतियों से सीधे संवाद की मांग

तिब्बती नेता ने चीन से तिब्बतियों के साथ सीधे संवाद शुरू करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि चीन एक ओर बातचीत, कूटनीति और 'नो वॉर' की बात करता है, लेकिन दूसरी ओर तिब्बतियों के साथ संवाद नहीं करता।

उन्होंने कहा कि जब आप बातचीत, संवाद, कूटनीतिक संबंधों और युद्ध नहीं करने की बात करते हैं, तो तिब्बतियों के साथ भी ऐसा ही करें। तिब्बतियों के साथ बातचीत करें और इस मुद्दे का समाधान निकालें।

Updated on:
12 Sep 2026, 10:46 AM IST
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