
Jaggu Bhagwanpuria Gang : यूरोप से पहली बार गैंगस्टर की वापसी! पंजाब पुलिस ने मोल्दोवा से अमृतपाल सिंह को कराया प्रत्यर्पित (फोटो सोर्स:@DGPPunjabPolice)
Jaggu Bhagwanpuria Gang: पंजाब में संगठित अपराध के खिलाफ चल रही कार्रवाई को उस वक्त बड़ा झटका नहीं, बल्कि बड़ी सफलता मिली, जब विदेश में छिपे एक कुख्यात गैंगस्टर को लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद भारत वापस लाया गया। जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़े अमृतपाल सिंह की तलाश कई गंभीर आपराधिक मामलों में थी। फर्जी पहचान के सहारे देश छोड़ने के बाद वह कई देशों में ठिकाने बदलता रहा, लेकिन आखिरकार मोल्दोवा में पकड़ा गया। अब पंजाब पुलिस उसे कानून के कटघरे में खड़ा करने की तैयारी में है।
पंजाब के कुख्यात आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने विदेश में छिपे अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत दलम उर्फ गुरपाल सिंह को मोल्दोवा से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार, वह जग्गू भगवानपुरिया गैंग का प्रमुख शूटर बताया जाता है और पंजाब में उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, UAPA, आर्म्स एक्ट तथा नशीले पदार्थों से जुड़े मामले दर्ज हैं।
यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पंजाब पुलिस के अनुसार, किसी यूरोपीय देश से हासिल किया गया यह उसका पहला प्रत्यर्पण है। यानी अब तक विदेशों में छिपे अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के मुकाबले यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुलिस की क्षमता का अहम उदाहरण माना जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक अमृतपाल ने अक्टूबर 2024 में फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर भारत छोड़ा था। दस्तावेज में उसकी पहचान गुरपाल सिंह के नाम से बताई गई। भारत से निकलने के बाद वह UAE सहित कई देशों में घूमता हुआ मोल्दोवा पहुंचा। यहां उसने यूक्रेन में प्रवेश करने की कोशिश की, लेकिन 24 फरवरी 2026 को ओटासी स्टेट बॉर्डर के पास मोल्दोवन अधिकारियों के हत्थे चढ़ गया।
उसकी गिरफ्तारी के बाद मामला केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। भारत वापस लाने के लिए प्रत्यर्पण से जुड़ी लंबी कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई। पंजाब पुलिस की जानकारी के मुताबिक, मोल्दोवा की अदालत से प्रत्यर्पण को मंजूरी मिलने के बाद आरोपी की अपील भी खारिज हुई, जिसके बाद उसकी वापसी का रास्ता साफ हुआ।
इस पूरे अभियान को 'ऑपरेशन ईस्टर्न रीच' नाम दिया गया था। लगभग छह महीने तक चले इस इंटेलिजेंस आधारित अभियान में AGTF और ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्स्ट्राडिशन सेल (OFTEC) ने केंद्रीय एजेंसियों तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ तालमेल किया।
अधिकारियों ने मोल्दोवा और अजरबैजान के अधिकारियों, IPCU-CBI, गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और अन्य संबंधित एजेंसियों के सहयोग को भी इस सफलता में अहम बताया है। पंजाब पुलिस के अनुसार, अमृतपाल के खिलाफ राज्य में 21 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पंजाब पुलिस के SP एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) बिक्रमजीत सिंह बराड़ के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर गैंगस्टरों के खिलाफ अभियान को तेज किया गया। इसी कड़ी में ‘ऑपरेशन ईस्टर्न रीच’ नाम से विशेष अभियान चलाया गया, जो करीब छह महीने तक चला।
बराड़ के मुताबिक, AGTF प्रमुख प्रमोद मान और ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्स्ट्राडिशन सेल (OFTEC) के प्रमुख आशीष चौधरी ने केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से अमृत डलाम तक पहुंच बनाई। इसके बाद मोल्दोवा में उसके खिलाफ कार्रवाई संभव हुई।
पंजाब पुलिस के मुताबिक, अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत डलाम का संबंध जग्गू भगवानपुरिया गिरोह से बताया जाता है। वह विदेश में रहकर पंजाब में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए स्थानीय नेटवर्क का इस्तेमाल करता था। पुलिस रिकॉर्ड में उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, नशीले पदार्थों की तस्करी और रंगदारी जैसे गंभीर आरोपों का उल्लेख है।
पंजाब में गैंगस्टरों के विदेश भागने का मुद्दा लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती रहा है। ऐसे में किसी यूरोपीय देश से प्रत्यर्पण हासिल होना इस रणनीति में अहम बदलाव का संकेत है। पुलिस अब विदेश में मौजूद अन्य वांछित अपराधियों तक पहुंचने के लिए भी इसी तरह के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और खुफिया तंत्र को मजबूत करने पर जोर दे रही है।
स्रोत: पंजाब पुलिस की आधिकारिक जानकारी
Updated on:
12 Sept 2026 10:04 am
Published on:
12 Sept 2026 09:48 am
