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सिप्ला फार्मा पर FDA का बड़ा एक्शन, Reactin Plus की पैकेजिंग में गड़बड़ी के बाद लाइसेंस रद्द

Drug License Cancelled: पुणे में महाराष्ट्र FDA ने सिप्ला फार्मा एंड लाइफ साइंसेज लिमिटेड का दवा बिक्री लाइसेंस रद्द कर दिया। Reactin Plus की पैकेजिंग और स्टॉक प्रबंधन में कई खामियां मिलीं।
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Aug 28, 2026
Drug License Cancelled
पुणे में सिप्ला फार्मा पर Maharashtra FDA का बड़ा एक्शन, photo credit: AI

Cipla FDA Action: महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने पुणे के वडकी स्थित सिप्ला फार्मा एंड लाइफ साइंसेज लिमिटेड के कैरी एंड फॉरवर्डिंग (C&F) यूनिट के दवा बिक्री लाइसेंस को रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से Reactin Plus टैबलेट की पैकेजिंग पर बिना मंजूरी वाला भ्रामक टेक्स्ट ('एनाल्जेसिक और एंटीपायरेटिक') छापने और स्टॉक प्रबंधन में गंभीर अनियमितताओं के कारण की गई है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में जारी यह आदेश तुरंत प्रभावी हो गया है।

बिना मंजूरी वाला टेक्स्ट

जानकारी के अनुसार, कंपनी ने Reactin Plus (एक शेड्यूल H प्रिस्क्रिप्शन ड्रग) की पैकेजिंग पर बिना अनुमति के इसे "एनाल्जेसिक और एंटीपायरेटिक" (दर्द और बुखार निवारक) बताया था। नियामक के अनुसार, इससे लोग बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से दवा लेने (Self-Medication) के लिए प्रेरित हो सकते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरनाक साबित हो सकता है।

आदेश के बाद भी मार्केट से दवा नहीं हटाई

जून 2026 में शुरुआती जांच के बाद FDA ने ₹11.19 लाख का स्टॉक जब्त किया था और कंपनी को बाजार से इसे वापस (Recall) लेने का आदेश दिया था, जिसका कंपनी ने पूरी तरह पालन नहीं किया।

लाइसेंस रद्द करने के पीछे केवल प्रमोशनल टेक्स्ट ही कारण नहीं था, बल्कि गोदाम (Warehouse) की गंभीर खामियां भी शामिल थीं। दवाओं को निर्धारित रैक या पैलेट पर रखने के बजाय सीधे फर्श पर असुरक्षित तरीके से स्टोर किया गया था। इतना ही नहीं, कंपनी के फिजिकल स्टॉक (वास्तविक दवाइयां) और कंप्यूटर के खरीद-बिक्री रिकॉर्ड में बड़ा अंतर और खामियां पाई गईं।

कारण बताओ नोटिस देने के बाद कार्रवाई

कंपनी के गोदाम में समय सीमा समाप्त (Expired) हो चुकी दवाओं को नष्ट करने या संभालने की प्रक्रिया संतोषजनक नहीं थी। FDA द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस का सिप्ला फार्मा की तरफ से दिया गया जवाब असंतोषजनक पाए जाने के बाद ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के नियमों के तहत यह सख्त कदम उठाया गया है।

FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने कहा कि विभाग दवाओं की सुरक्षा और जन स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं करेगा। मुंढे ने कहा, "कानूनी प्रावधानों का सख्ती से पालन करना ज़रूरी है, खासकर 'शेड्यूल H' वाली प्रिस्क्रिप्शन दवाओं के विज्ञापन, बिक्री, स्टोरेज और वितरण के मामले में। दवा बनाने या वितरण करने वाले सिस्टम के किसी भी हिस्से द्वारा नियमों का उल्लंघन करने पर कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Updated on:
28 Aug 2026 08:27 pm
Published on:
28 Aug 2026 08:27 pm