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माफिक हत्याकांड में सीजेपी ने बंगाल सरकार को दी और 10 दिन की मोहलत, गिरफ्तारी नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन

Mafiq Murder Case: माफिक हत्याकांड के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और स्कूल का नाम उनके नाम पर रखने की मांग को लेकर सीजेपी ने सरकार को 10 दिन का और समय दिया है। सीजेपी ने कहा कि तय समय में मांगें पूरी नहीं हुईं तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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CJP West Bengal

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते सीजेपी नेता। फोटो- आईएएनएस

कोलकाता। शेख मोहम्मद माफिक की हत्या के दोषियों को सजा दिलाने के लिए राज्य सरकार को 10 दिन की डेडलाइन देने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शुक्रवार को और 10 दिन का समय दिया। सीजेपी नेता प्रेम आकाश गोलू ने कोलकाता प्रेस क्लब के सामने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा कि अगर इस समय में सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया और स्कूल का नाम माफिक के नाम पर नहीं रखा गया तो सीजेपी बड़ा आंदोलन शुरू करेगी।

बदमाशों ने किया था हमला

इस दौरान आकाश, शेख मारूफ, सौरव, शेख शिराज, शेख अब्दुल हाफिज, प्रेम आकाश गोलू (सीजेपी ईस्टर्न रीजन) और देबदीप्य गांगुली मौजूद थे। यह घटना तब हुई है जब मृतक माफिक के बेटे शेख अब्दुल हाफिज जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और बाद में बांकुड़ा के दूर-दराज के गांवों में स्कूलों को ठीक करो के नारे लगाए। इसी वजह से बदमाशों के एक समूह ने उनके पिता को पीट-पीटकर मार डाला।

सीजेपी ने और दिया समय

सीजेपी ने हत्या के तुरंत बाद बांकुड़ा जिला पुलिस प्रशासन को इसकी जांच के लिए पुलिस प्रशासन को 10 दिन का समय दिया था। उसने मांग की थी कि पीड़ित शेख मोहम्मद माफिक के नाम पर एक स्कूल का नाम रखा जाए। हालांकि, मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया, हालांकि कुछ आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं और स्कूल का नाम अभी तक हाफिज के पिता के नाम पर नहीं रखा गया है। शुक्रवार को शुरुआती 10 दिन की डेडलाइन खत्म होने पर सीजेपी ने मृतक को न्याय दिलाने के लिए और 10 दिन दिए।

13 अगस्त की रात हुआ था हमला

पुलिस के अनुसार 13 अगस्त की रात कुछ लोगों ने शेख अब्दुल हाफिज के घर पर धावा बोल दिया। आरोप है कि हमलावर लाठी, लोहे की रॉड और सब्बल लेकर पहुंचे थे। हमले के दौरान हाफिज किसी तरह घर के भीतर चले गए, लेकिन उनके पिता शेख मोहम्मद माफिक हमलावरों की चपेट में आ गए। उन्हें गंभीर रूप से पीटा गया। पुलिस के पहुंचने के बाद माफिक को अस्पताल ले जाया गया। हालत बिगड़ने पर 15 अगस्त को उन्हें बर्द्धमान मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां शनिवार रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया।