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बंगाल में नए औद्योगिकीकरण का वातावरण तैयार किया जा रहा है: मंत्री तापस राय

राज्य भाजपा के प्रधान कार्यालय मुरलीधर सेन लेन में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में मंत्री तापस राय ने समग्र रूप से स्पष्ट किया कि नए औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसर पैदा करना, कानून-व्यवस्था बनाए रखना, रंगदारी और सिंडिकेट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना तथा सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता की रक्षा करना इन सभी विषयों को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ा रही है।
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राज्य भाजपा के प्रधान कार्यालय मुरलीधर सेन लेन में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में मंत्री तपस राय ने समग्र रूप से स्पष्ट किया कि नए औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसर पैदा करना, कानून-व्यवस्था बनाए रखना, रंगदारी और सिंडिकेट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना तथा सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता की रक्षा करना इन सभी विषयों को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ा रही है।

राज्य भाजपा के प्रधान कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मंत्री तपस राय

पश्चिम बंगाल भाजपा के उपाध्यक्ष एवं उद्योग मंत्री तापस राय ने राज्य में औद्योगिकीकरण, निवेश, कानून-व्यवस्था, मतदाता सूची और हाल की विभिन्न घटनाओं को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट किया। राज्य में औद्योगिकीकरण और निवेश के संबंध में उद्योग मंत्री ने कहा कि लंबे समय से चली आ रही गतिरोध की स्थिति को समाप्त करते हुए पश्चिम बंगाल में नए औद्योगिकीकरण का वातावरण तैयार किया जा रहा है। औद्योगिक नीति, लैंड बैंक, लैंड पॉलिसी, इंसेंटिव स्कीम और सिंगल विंडो व्यवस्था को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। विभिन्न बैठकों के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्र में नीति निर्धारण और उसके क्रियान्वयन का कार्य आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल में निवेश की संभावनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक जगत में पहले से ही पर्याप्त रुचि उत्पन्न हुई है। विभिन्न देशों के उद्योगपतियों और राजनयिक प्रतिनिधियों ने राज्य में निवेश को लेकर रुचि व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में सेमीकंडक्टर हब, डेटा सेंटर, सूचना प्रौद्योगिकी और आधुनिक विनिर्माण उद्योग को केंद्र में रखते हुए पश्चिम बंगाल में एक मजबूत औद्योगिक बुनियादी ढांचा विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके माध्यम से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करने के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के खोए हुए औद्योगिक गौरव को पुनर्स्थापित करने के उद्देश्य से सरकार कार्य कर रही है।

82,782 आवेदनों का निपटारा हुआ

मतदाता सूची में नाम पुनर्बहाल किए जाने के संबंध में उन्होंने बताया कि कुल 38.10 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, लेकिन अब तक केवल 82,782 आवेदनों का निपटारा हुआ है। इनमें से 75,443 लोगों के नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं। एसआइआर के बाद चिह्नित कुल 27.28 लाख हटाए गए मतदाताओं की तुलना में यह संख्या मात्र 2.77 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि अभी भी 37 लाख से अधिक आवेदन लंबित हैं, ऐसे में निपटाए गए आवेदनों के आंकड़े को पूरी तस्वीर के रूप में प्रस्तुत करते हुए 91 प्रतिशत नामों की पुनर्बहाली का दावा करना पूरी तरह अनुचित और भ्रामक है। उन्होंने मीडिया से मतदाता सूची जैसे महत्वपूर्ण विषय पर वास्तविक तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर ही समाचार प्रकाशित करने का आग्रह किया।

जीरो टॉलरेंस नीति को स्पष्ट किया

https://www.patrika.com/news-bulletin/jiaaresii-ne-lnch-kiya-agli-pidhi-ka-yuddhpot-snghmitra-20597461

रंगदारी और सिंडिकेट राज के संबंध में तापस राय ने सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति को स्पष्ट रूप से सामने रखा। उन्होंने बताया कि आम जनता और व्यवसायियों के हित में किसी भी प्रकार की अवैध रंगदारी और सिंडिकेट गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए सरकार कड़े कदम उठाएगी। अतीत में इस प्रकार की गतिविधियों से जुड़े लोगों पर भी निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून का उल्लंघन कर कोई भी व्यक्ति अवैध गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो उसकी राजनीतिक पहचान या पद की परवाह किए बिना उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

देशविरोधी नारों की घटना की निंदा की

मंत्री राय ने जादवपुर विश्वविद्यालय में देशविरोधी नारों की घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् देश के करोड़ों लोगों की भावनाओं और राष्ट्रीय चेतना से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय एकता और देश की संप्रभुता के खिलाफ किसी भी प्रकार के प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोलकाता नगर निगम और पुलिस के कार्य में बाधा डालने की घटना के संबंध में उद्योग मंत्री ने कहा कि संवैधानिक और प्रशासनिक संस्थाएं अपने कानूनी दायित्वों का निर्वहन करेंगी। उनके कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाले लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी सहित आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार प्रशासन के पास है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मामले में सरकार किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।