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CJP Press Conference: अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को 50,000 हजार के मुचलके पर राहत, दोपहर 2 बजे करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस

दिल्ली में तीन CJP नेताओं को रिहाई तो मिल गई, लेकिन अगले 12 महीने उनके लिए अहम रहेंगे। 50 हजार रूपये के जमानती मुचलके और शांति बनाए रखने की शर्त के बीच अब संगठन की अगली प्रतिक्रिया पर सबकी निगाहें हैं।
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CJP leaders released in Delhi
CJP leaders released in Delhi: दिल्ली में CJP के तीन नेताओं को राहत, 50 हजार के मुचलके पर रिहाई (फोटो सोर्स:@barandbench)

CJP Leaders Released in Delhi: नई दिल्ली में सिविल जस्टिस से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय CJP के तीन नेताओं की निवारक हिरासत के बाद रिहाई हो गई है। अभिजीत दीपके, अशुतोष रंका और सौरव दास को दिल्ली कैंट स्थित कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किए जाने के बाद राहत मिली। हालांकि, उनकी रिहाई कुछ शर्तों के साथ हुई है। तीनों को अगले एक साल तक शांति बनाए रखने और अच्छे आचरण की जिम्मेदारी निभानी होगी। इस घटनाक्रम के बाद संगठन की ओर से आगे की रणनीति पर भी नजरें टिकी हैं।

10 अक्टूबर को हिरासत, अगले दिन अदालत से मिली राहत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अभिजीत दीपके, अशुतोष रंका और सौरव दास को 10 अक्टूबर 2026 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत निवारक कार्रवाई करते हुए हिरासत में लिया गया था। इसके बाद 11 अक्टूबर को तीनों को दिल्ली कैंट स्थित विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किया गया। निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अदालत ने उन्हें रिहा करने का आदेश दिया।

50 हजार रूपये का मुचलका भरना पड़ा

रिहाई के लिए तीनों की ओर से 50-50 हजार रुपये का जमानती मुचलका भरा गया। इसका उद्देश्य शांति बनाए रखने और अच्छे व्यवहार की शर्तों का पालन सुनिश्चित करना है। इन शर्तों के तहत तीनों नेताओं को एक वर्ष की अवधि तक ऐसी किसी गतिविधि से दूर रहना होगा, जिससे शांति और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

अब दोपहर दो बजे की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर नजर

रिहाई के बाद CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता अशुतोष रंका ने बताया कि संगठन दोपहर दो बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा। माना जा रहा है कि इस दौरान हिरासत की परिस्थितियों, कानूनी कार्रवाई और आगे की रणनीति को लेकर संगठन अपना पक्ष रख सकता है। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या घोषणा होगी, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

BNSS की धाराओं को समझना भी जरूरी

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 देश की आपराधिक प्रक्रिया से संबंधित प्रमुख कानून है, जिसने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) का स्थान लिया। इसकी धारा 126 शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा बांड से संबंधित कार्यवाही का प्रावधान करती है, जबकि धारा 170 संज्ञेय अपराध को रोकने के उद्देश्य से पुलिस की निवारक गिरफ्तारी की शक्ति से जुड़ी है। इन प्रावधानों के तहत कार्रवाई में कानून द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन आवश्यक है।

तीनों नेताओं की रिहाई से तत्काल हिरासत का मामला समाप्त हुआ है, लेकिन एक वर्ष की शर्तों के कारण यह घटनाक्रम आगे भी चर्चा में रह सकता है। अब यह देखना अहम होगा कि दोपहर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP इस कार्रवाई पर क्या विस्तृत जानकारी देता है।

Updated on:
11 Oct 2026 11:25 am
Published on:
11 Oct 2026 11:08 am