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मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ दिल्ली के CP में हंगामा, CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास समेत कई छात्र नेता हिरासत में

CEC Gyanesh Kumar: दिल्ली के कनॉट प्लेस में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन हुआ। पुलिस ने CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास और SFI, AISF व AIYF के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
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Election Commission Protest

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों को हिरासत में लेती पुलिस (फोटो सोर्स- ANI)

Gyanesh Kumar: दिल्ली के कनॉट प्लेस में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास और विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध जता रहे थे और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। कनॉट प्लेस के इनर सर्कल में SFI, AISF और AIYF के कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन किया, जिसके दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेना शुरू कर दिया।

कनॉट प्लेस के इनर सर्कल में जमकर हुई नारेबाजी

यह विरोध प्रदर्शन कनॉट प्लेस के इनर सर्कल में हुआ। सांसद जॉन ब्रिटास के साथ-साथ स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) और ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन (AIYF) के दर्जनों कार्यकर्ता और छात्र नेता सड़कों पर उतर आए। सभी प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। जिसके बाद पुलिस ने इन सबको हिरासत में लेना शुरू कर दिया।

10 अक्टूबर को हिरासत, अगले दिन अदालत से मिली राहत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अभिजीत दीपके, अशुतोष रंका और सौरव दास को 10 अक्टूबर 2026 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत निवारक कार्रवाई करते हुए हिरासत में लिया गया था। इसके बाद 11 अक्टूबर को तीनों को दिल्ली कैंट स्थित विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किया गया। निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अदालत ने उन्हें रिहा करने का आदेश दिया।

50 हजार रूपये का मुचलका भरना पड़ा

रिहाई के लिए तीनों की ओर से 50-50 हजार रुपये का जमानती मुचलका भरा गया। इसका उद्देश्य शांति बनाए रखने और अच्छे व्यवहार की शर्तों का पालन सुनिश्चित करना है। इन शर्तों के तहत तीनों नेताओं को एक वर्ष की अवधि तक ऐसी किसी गतिविधि से दूर रहना होगा, जिससे शांति और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

Undeclared Emergency India: देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात'

खरगे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में अव्यवस्था पैदा की जा रही है और इसे अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति बताया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी इन्हीं परिस्थितियों के खिलाफ संघर्ष कर रही है। उनके बयान से स्पष्ट है कि कांग्रेस अपने राजनीतिक विरोध को संवैधानिक संस्थाओं के समक्ष अपनी चिंताएं रखने के प्रयास से भी जोड़ रही है।

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