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CJP Protest: समर्थन बढ़ा, पर इन चार कारणों से हो रही आलोचना

Journalists Attacked During CJP Protest: जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन को जहां व्यापक समर्थन मिल रहा है, वहीं कई विवादों ने इसकी आलोचना भी बढ़ा दी है। पत्रकारों के साथ कथित मारपीट, महिला पत्रकारों से बदसलूकी और पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया के वायरल बर्गर वीडियो जैसे मामलों ने सोशल मीडिया पर आंदोलन को सवालों के घेरे में ला दिया है।
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Jul 22, 2026
CJP supporters clash with media
CJP प्रोटेस्ट में पत्रकारों पर हुआ हमला (Photo-X)

Cockroach Janata Party Protest Controversy: नीट पेपर लीक, परीक्षाओं में गड़बड़ी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन जारी है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी CJP के प्रोटेस्ट को भारी जनसमर्थन मिल रहा है। राजनीतिक दलों से लेकर सेलिब्रिटी तक इस आंदोलन का समर्थन कर रही है। हालांकि कुछ कारण ऐसे भी है, जिसकी वजह से CJP के आंदोलन की लोग आंलोचना भी कर रहे है। 

बता दें कि 20 जुलाई को सीजेपी समर्थकों ने संसद चलो मार्च का आयोजन किया था। इस दौरान प्रदर्शनकारी और दिल्ली पुलिस आमने-सामने हो गए। संसद के बाहर भीड़ को भगाने को लेकर पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले भी छोड़े।

हालांकि आंदोलनकारियों की तरफ से भी कुछ चीजें ऐसी हुई है, जिसकी सोशल मीडिया पर काफी आचोलना हो रही है। आइए जानते हैं…

1- TIMES NOW के रिपोर्टर पर हुआ हमला

मंगलवार (21 जुलाई) को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों ने टाइम्स नाउ (TIMES NOW) के पत्रकार देव कोटक पर हमला कर दिया। जिसमें वे घायल हो गए। पत्रकार ने दावा किया कि जब वे प्रदर्शन को कवर कर रहे थे, तभी करीब 100 लोगों की भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। 

पत्रकार पर सीजेपी समर्थकों द्वारा हमला करने के बाद लोगों का सोशल मीडिया पर गुस्सा फूट पड़ा। एक यूजर ने एक्स पर लिखा- सीजेपी के प्रदर्शन में जिस तरह कुछ पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की घटनाएं सामने आई हैं, वह बेहद निंदनीय हैं।

मीडिया से नाराजगी हो सकती है, सवाल भी हो सकते हैं, असहमति भी हो सकती है। लेकिन किसी पत्रकार पर हाथ उठाना न लोकतंत्र की भाषा है और न ही एक जागरूक छात्र की पहचान।

2- महिला पत्रकारों के साथ भी बदसलूकी

सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान महिला पत्रकारों के साथ भी बदसलूकी के वीडियो सामने आए है। सोशल मीडिया एक्स पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला पत्रकार को भीड़ घेर लेती है और बदसलूकी करती है। वहीं वीडियो में हाथापाई भी नजर आ रही है। 

महिला पत्रकार के साथ हुई बदसलूकी पर भी सोशल मीडिया पर लोगों ने अपना गुस्सा जाहिर किया है। एक यूजर ने लिखा- कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों ने एक महिला पत्रकार को भी नहीं छोड़ा। यह एक दिलदहलाने वाली वीडियो है।

CJP के संसद चलो मार्च में Times Now Navbharat की रिपोर्टर ज्योति मिश्रा भी हमले की चपेट में आईं। प्रदर्शनकारियों ने रिपोर्टर पर पत्थरों और बोतलों से हमला किया। जिससे उन्हें चोट भी आई। लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के बीच से ज्योति मिश्रा को निकाला। इसका सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है।

3- ABP के पत्रकार को भी घेरा

सीजेपी समर्थकों ने ABP के पत्रकार को भी घेर लिया और नारेबाजी करने लगे। इस दौरान समर्थकों ने गोदी मीडिया-गोदी मीडिया के नारे लगाए। इसका सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है। एक यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा- जो लोग पत्रकारों को ही काम करने से रोकें, वे किस तरह की “क्रांति” लाने का दावा कर रहे हैं? 

4- विजेता दहिया का वीडियो हुआ वायरल

20 जुलाई को जब सीजेपी समर्थक संसद का घेराव कर रहे थे। उसी समय सीजेपी प्रवक्ता विजेता दहिया का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे बर्गर आउटलेट पर दिखाई दे रहे थे। वीडियो वायरल होने पर लोगों ने सीजेपी और विजेता दहिया पर निशाना साधा। 

इसके बाद विजेता दहिया ने इसको लेकर सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि बर्गर खाना इतना बड़ा मुद्दा क्यों बना दिया गया? कोई इंसान बर्गर कब खाता है, जब उसे भूख लगती है। कोई मुझे आंदोलन में शामिल होने के पैसे नहीं देता। मुझे किसी ने इस जॉब के लिए चुना नहीं है।  मैं देश के लिए यह सब कर रहा हूं। हां, मैं बर्गर खाऊंगा। 

वीडियो वायरल होने के बाद सीजेपी ने विजेता दहिया को प्रवक्ता पद से हटा दिया। सीजेपी ने बयान जारी करते हुए कहा कि हम अपने प्रवक्ता विजेता दहिया के बेहद असंवेदनशील व्यवहार की कड़ी निंदा करते हैं।  जब शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी और हमारी टीम पुलिस की बर्बर कार्रवाई का सामना कर रही थी, उस दौरान उनके वीडियो सामने आए। ऐसा व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य है।