
धरनास्थल पर राहुल गांधी। (Photo-IANS)
Congress Protest: दिल्ली में मंगलवार को पीएम आवास के बाहर कांग्रेस सांसद धरने पर बैठे हैं। इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और पीएम मोदी के इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की जा रही है। हालांकि कांग्रेस ने इस प्रदर्शन की किसी को भनक भी नहीं लगने दी।
कांग्रेस नेताओं ने मल्लिकार्जुन खरगे के आवास से पीएम आवास तक विरोध मार्च निकाला। इसका नेतृत्व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने किया। जब पीएम आवास से 100 मीटर दूर कांग्रेस नेता थे, तब मीडिया को जानकारी दी गई।
बता दें कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का आज 84वां जन्मदिन है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खरगे का जन्मदिन मनाने के लिए कांग्रेस नेता उनके आवास पर इकट्ठा हुए थे। जब वहां पर सभी एकत्रित हो गए, तब यह तय किया गया कि पीएम आवास तक मार्च करते हुए जाएंगे और धर्मेंद्र प्रधान-नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करेंगे।
पीएम आवास के बाहर कांग्रेस के प्रदर्शन की सूचना मिलने पर पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस ने कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया है, जिसमें पंजाब के पूर्व सीएम और सांसद चरणजीत सिंह चन्नी भी शामिल हैं।
पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस सांसद नासिर हुसैन ने कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने आज लोकसभा और राज्य सभा दोनों में यह मुद्दा उठाने की कोशिश की कि कैसे कल देश भर से यहां इकट्ठा हुए और एक ऑर्गेनिक आंदोलन में हिस्सा ले रहे स्टूडेंट्स पर लाठीचार्ज, वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया। असल में, किसी सांसद को बोलने नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी तो संसद में नहीं आते है, इसलिए सभी विपक्षी सांसद उनके घर आए हैं, ताकि हमारी आवाज सुनी जा सके।
इस दौरान सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि हमारे पास कोई और रास्ता नहीं बचा था। वे पार्लियामेंट में बहस नहीं कर रहे हैं। तो हम और क्या कर सकते थे? हमें सड़कों पर उतरना पड़ा।
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि हमारी एक सीधी सी मांग है। हमारे विपक्ष के नेताओं ने लोकसभा और राज्य सभा दोनों में यह मांग उठाई है। मांग यह है कि गृह मंत्री पार्लियामेंट में इस पर सफाई दें और इस मुद्दे पर हाउस में चर्चा हो। हम चाहते हैं कि जिस तरह से लोकतंत्र और हमारे संविधान की हत्या हो रही है और स्टूडेंट्स पर ज़ुल्म हो रहे हैं, उस पर वह एक बयान जारी करें। हम 45 दिनों से एजुकेशन मिनिस्टर के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
Updated on:
21 Jul 2026 05:47 pm
Published on:
21 Jul 2026 05:47 pm
