
सोनिया गांधी मंदिर मार्ग थाने पहुंची(फोटो-ANI)
Congress: सोनिया गांधी नई दिल्ली स्थित मंदिर मार्ग थाने पहुंच गई हैं। इसी थाने में प्रियंका गांधी को दिल्ली पुलिस लेकर पहुंची थी। वहीं दिल्ली पुलिस राहुल गांधी को लेकर छत्रसाल स्टेडियम पहुंच गई है। पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस के पीएम आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन के बीच मंगलवार शाम को प्रियंका गांधी और राहुल गांधी को हिरासत में ले लिया गया था।
सोनिया गांधी ने मंदिर मार्ग थाने में प्रियंका गांधी से मुलाकात की। इस दौरान थाने के बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। मुलाकात के बाद सोनिया गांधी बिना मीडिया से बातचीत किए वहां से रवाना हो गईं।
इससे पहले मंगलवार दोपहर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित कई विपक्षी नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर NEET पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया।
राहुल गांधी को छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया, जबकि प्रियंका गांधी को मंदिर मार्ग थाने में रखा गया। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।
कांग्रेस ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। पार्टी का आरोप है कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है और विपक्षी नेताओं के साथ सख्ती बरती गई। कांग्रेस का दावा है कि राहुल गांधी को प्रदर्शन स्थल से जबरन हटाकर हिरासत में लिया गया, जबकि प्रियंका गांधी के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें जबरन पुलिस वाहन में बैठाया गया।
हिरासत के बाद प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि 'मोदी सरकार डरपोक है, वह डरी हुई है। हम उनसे नहीं डरते, वे हमसे डरते हैं।' उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों के मुद्दे पर अपना आंदोलन जारी रखेगी और सरकार से जवाब मांगती रहेगी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर जवाब देने के बजाय विरोध की आवाज को दबा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया गया, पेपर लीक की घटनाओं पर कार्रवाई नहीं हुई और छात्रों के आंदोलन पर बल प्रयोग किया गया। खरगे ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग दोहराते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
Updated on:
21 Jul 2026 09:37 pm
Published on:
21 Jul 2026 09:16 pm
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