नीतीश कुमार ने आज बिहार की महिलाओं को दो बड़ी सौगात दी है। उन्होंने 80 पिंक बसों का शुभारंभ किया। साथ ही, आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाया।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish) की निगाह सोशल इंजीनियरिंग के साथ-साथ महिला वोटबैंक (Women Vote Bank) पर भी रही है। उन्होंने प्रदेश की आधी आबादी को लुभाने के लिए कई स्कीम लॉन्च की। साइकिल योजना और जीविका दीदी के सहारे उन्होंने बिहार की महिला वोटबैंक को जमकर साधा। महिलाओं का एक बड़ा वर्ग नीतीश कुमार का लॉयल वोटर है। एक बार फिर नीतीश ने महिलाओं को विधानसभा चुनाव से ठीक पहले साध लिया है।
नीतीश सरकार ने आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं के मानदेय को बढ़ाने का निर्णय लिया है। बिहार में अब आंगनबाड़ी सेविका का मानदेय 7,000 रुपए से बढ़ाकर 9,000 रुपए और आंगनबाड़ी सहायिका का मानदेय 4,000 रुपए बढ़ाकर 4,500 रुपए करने का ऐलान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया है। सीएम नीतीश कुमार ने इसकी जानकारी देते हुए X पर लिखा कि राज्य में बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के पोषण एवं जीवन स्तर में सुधार करने में आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनकी इसी भूमिका का सम्मान करते हुए हम लोगों ने उनके मानदेय में वृद्धि करने का निर्णय लिया है।
सीएम नीतीश ने आगे लिखा कि नवंबर 2005 में सरकार बनने के बाद से ही हम लोगों ने गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के पोषण तथा स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया है। इस फैसले से आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं का मनोबल बढ़ेगा तथा समेकित बाल विकास सेवाएं और बेहतर होंगी।
इससे पहले नीतीश कुमार ने महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 80 पिंक बसों का लोकार्पण किया। साथ ही राज्यभर की 1065 बसों में ई टिकट सुविधा की भी शुरुआत की। उन्होंने कहा कि पिंक बसों में केवल महिलाएं ही यात्रा कर सकती हैं। इन पिंक बसों के परिचालन से महिलाओं का सफर ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक होगा और उन्हें आवागमन में काफी सहूलियत होगी। साथ ही ई-टिकटिंग की व्यवस्था से राज्य के लोगों को विभिन्न जगहों पर यात्रा करने में सुगमता होगी।
वहीं, 8 जुलाई को नीतीश कैबिनेट ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को मिलने वाले 35 फीसदी आरक्षण में डोमिसाइल नीति को लागू कर दिया। यानी अब दूसरे राज्य की महिला अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। उन्हें सामान्य श्रेणी में ही आवेदन करना होगा।