1 अप्रैल से कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और फूड बिजनेस की लागत बढ़ेगी, जिससे खाने-पीने की चीजें महंगी हो सकती हैं।
देशभर में 1 अप्रैल से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में इजाफा किया गया है। तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं। राष्ट्रीय राजधानी में इसकी कीमत में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही 5 किलो एफटीएल सिलेंडर के दाम भी बढ़ाए गए हैं। इसमें 51 रुपये की वृद्धि की गई है, जिसके बाद इसकी नई कीमत 549 रुपये हो गई है।
कमर्शियल LPG मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, बेकरी, कैटरिंग और छोटे फूड बिजनेस में इस्तेमाल होता है। दाम बढ़ने से इन पर मुश्किलें बढ़ गई हैं।
होटल और रेस्टोरेंट
स्ट्रीट फूड और छोटे ढाबों पर प्रभाव
बेकरी और स्वीट शॉप्स
कैटरिंग और इवेंट फूड सर्विस
तेल कंपनियां ग्लोबल LPG कीमतों से जुड़ी हैं। वेस्ट एशिया में संघर्ष के कारण क्रूड ऑयल और LPG की सप्लाई प्रभावित हुई, जिससे इंपोर्ट कॉस्ट बढ़ गई। कंपनियां पहले लॉस झेल रही थीं, अब इसे कंज्यूमर पर पास किया गया है। सरकार ने रिफाइनरीज को घरेलू LPG प्रोडक्शन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं और घरेलू सप्लाई को प्राथमिकता देने को कहा है।
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लोग कह रहे हैं कि लागत बढ़ने से प्रॉफिट मार्जिन सिकुड़ रहा है। नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने चेतावनी दी है कि अगर सप्लाई क्राइसिस जारी रहा तो रोजाना सैकड़ों करोड़ का नुकसान हो सकता है। कई बिजनेस इलेक्ट्रिक या अन्य अल्टरनेटिव की ओर शिफ्ट करने पर विचार कर रहे हैं, लेकिन यह महंगा और समय लेने वाला है।