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Petrol-Diesel Price: प्रीमियम पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उछाल, आम आदमी की बढ़ी परेशानियां

Petrol-Diesel Price Increase: देश में प्रीमियम ईंधन महंगा हो गया है। मिडिल ईस्ट में Israel-Iran conflict के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल इसका मुख्य कारण माना जा रहा है।

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भारत

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Devika Chatraj

Apr 01, 2026

प्रीमियम पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी (X)

Iran Israel War: देश में प्रीमियम ईंधन की कीमतों ने एक बार फिर आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। Indian Oil Corporation (IOCL) ने अपने हाई-ऑक्टेन फ्यूल XP100 पेट्रोल और प्रीमियम डीजल एक्स्ट्रा ग्रीन के दाम बढ़ा दिए हैं। नई दरों के मुताबिक, दिल्ली में XP100 पेट्रोल अब 149 रुपये से बढ़कर 160 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जबकि एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल की कीमत 91.49 रुपये से बढ़कर 92.99 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।

सभी तेल कंपनियों ने किया बदलाव

तेल उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, Bharat Petroleum Corporation Limited (BPCL) और Hindustan Petroleum Corporation Limited (HPCL) ने भी अपने प्रीमियम फ्यूल की कीमतों में बदलाव किया है। हालांकि, इनके रेट IOCL की तुलना में कुछ पैसे ऊपर-नीचे हो सकते हैं।

आम आदमी पर बढ़ेगा बोझ

प्रीमियम ईंधन की कीमतों में इस बढ़ोतरी का सीधा असर परिवहन, लॉजिस्टिक्स और कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता है। भले ही प्रीमियम डीजल बेहतर माइलेज और इंजन परफॉर्मेंस देता हो, लेकिन महंगे होने के कारण इसका उपयोग सीमित हो सकता है।

क्या है XP100 पेट्रोल?

XP100 पेट्रोल एक 100 ऑक्टेन प्रीमियम फ्यूल है, जिसे खासतौर पर हाई-परफॉर्मेंस वाहनों जैसे लग्जरी कारों और स्पोर्ट्स बाइक्स के लिए तैयार किया गया है। यह सामान्य पेट्रोल की तुलना में अधिक कीमत वाला होता है और आम वाहनों के लिए जरूरी नहीं है।

हाल ही में भी बढ़े थे दाम

20 मार्च को भी प्रीमियम पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2 से 2.30 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई थी। उस समय भी आम पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रखी गई थीं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बाद यह दूसरी बड़ी वृद्धि मानी जा रही है।

मिडिल ईस्ट तनाव बना बड़ी वजह

विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में जारी Israel-Iran conflict के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। यह क्षेत्र दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति का केंद्र है, इसलिए यहां की अस्थिरता का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ता है।

भारत पर क्यों पड़ता है असर?

भारत अपनी लगभग 90% कच्चे तेल की जरूरत आयात के जरिए पूरी करता है। ऐसे में वैश्विक सप्लाई चेन में किसी भी तरह का व्यवधान घरेलू ईंधन कीमतों को प्रभावित करता है। फिलहाल कंपनियों ने सामान्य पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखे हैं, लेकिन प्रीमियम फ्यूल में बढ़ोतरी बाजार के बढ़ते दबाव का संकेत है।