
बिहार के चंपारण जिले में ऑनर किलिंग का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां बेटी के प्रेम प्रसंग ने नाराज एक पिता और मामा ने मिलकर पहले उसकी हत्या की और फिर उसके प्रेमी को भी मौत के घाट उतार दिया। मृतक लड़के के परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और इस दोहरे हत्याकांड का खुलासा हुआ। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यह मामला लौकरिया थाना क्षेत्र का है। आरोपी पिता की पहचान मदन बिन और मामा की पहचान जितेंद्र निषाद उर्फ जीतन के रूप में हुई है। दोनों ने पिछले साल सितंबर में इस घटना को अंजाम दिया था। लंबे समय तक मामले की जांच जिसके बाद करीब सवा दो महीने पहले पुलिस ने इस पूरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाई। पुलिस के अनुसार मदन के परिवार के कुछ अन्य लोगों ने भी इस हत्याकांड में उसकी सहायता की थी और पुलिस फिलहाल उनकी तलाश कर रही है।
पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी मदन ने कबूल किया है कि वह अपनी बेटी के प्रेम प्रसंग से नाराज था और इसी के चलते उसने बेटी और उसके प्रेमी की हत्या की साजिश रची। मदन ने बताया कि वह 8 सितंबर 2025 को लकड़ी काटने के बहाने अपनी बेटी को जंगल लेकर गया था। वहां पर उसका साला जितेंद्र और उनके अन्य साथी पहले से मौजूद थे। इसके बाद उन लोगों ने मृतका को डरा धमका कर उसके प्रेमी को फोन करवाया और उसे मिलने के बहाने जंगल बुलाया। मृतक की प्रेमी की पहचना अखिलेश यादव के रूप में हुई है।
अखिलेश के जंगल पहुंचने से पहले ही आरोपियों ने युवती का गला दबा कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद जब अखिलेश घटनास्थल पर पहुंचा तो उन्होंने उसकी जमकर पिटाई की। इसके बाद अखिलेश को डरा धमका कर आरोपियों ने उससे एक सुसाइड लेटल लिखवाया और उसका भी गला दबाकर उसे मार डाला। इसके बाद आरोपियों ने रस्सी के सहारे दोनों शवों को पेड़ से बांध दिया। अखिलेश के लिखे लेटर को आरोपियों ने उसके मोबाइल कवर में छिपा दिया। इसके बाद सभी आरोपी घर लौट आए।
10 सितंबर को मृतका युवती के पिता ने ही उसकी गुमशुदगी की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई। दुसरी तरह मृतक युवक के परिवार ने भी पुलिस में बेटे के लापता होने का केस किया। शुरुआत में पुलिस ने युवक के परिजनों की शिकायत पर सख्त कार्रवाई नहीं की जिसके बाद उसकी मां ने कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट के आदेशों के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की और घटना के पांच महीने बाद दोनों मृतकों के शव बरामद किए गए। मृतकों के शव 22 जनवरी को जंगल से बरामद हुए थे। जंगल में लकड़ी काटने गए लोगों ने मृतकों के कंकाल देखे और पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने मोबाइल और चप्पलों से शवों की पहचान की और फिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
Published on:
01 Apr 2026 10:25 am
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
