
मां बाप ने बेटी की जान लेकर खाया जहर (प्रतीकात्मक तस्वीर)
आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक डॉक्टर और उनकी पत्नी ने पहले अपनी तीन साल की दिव्यांग बेटी को जहर का इंजेक्शन देकर उसकी जान ले ली और फिर खुद भी जहर का इंजेक्शन लगाकर आत्महत्या कर ली। शुरुआती जानकारी के अनुसार माता-पिता बच्ची की मानसिक और शारीरिक स्थिति को लेकर गंभीर तनाव में थे और इसी के चलते उन्होंने यह कदम उठाया है।
जानकारी के अनुसार, डॉक्टर के. गोपी एक एनेस्थेटिस्ट थे और भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में कार्यरत थे। उनकी पत्नी शंकरा कुमारी भी उसी अस्पताल में नर्स थीं। दंपति की बेटी मौनिका जन्म से ही मानसिक और शारीरिक रूप से चुनौतीग्रस्त थी। बताया जा रहा है कि बच्ची की हालत को लेकर दोनों लंबे समय से मानसिक तनाव में थे। पुलिस की शुरुआती जांच में यही बात सामने आई है कि इसी तनाव ने उन्हें यह खतरनाक कदम उठाने के लिए मजबूर किया।
घटना के दिन परिवार नरसारोपेट के एक लॉज में ठहरा हुआ था। इससे पहले शंकरा कुमारी अपनी बेटी के साथ मायके आई हुई थीं, जबकि डॉक्टर गोपी भी कुछ दिन पहले वहां पहुंचे थे। शनिवार को तीनों लॉज में रुके और रविवार सुबह यह दर्दनाक घटना सामने आई। बताया गया कि गोपी ने अपनी बहन को व्हॉट्सअप पर मैसेज और कुछ फोटो भेजकर आत्महत्या की जानकारी दी थी। इसके बाद परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और तीनों को बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में इलाज के दौरान शंकरा कुमारी और उनकी बेटी की मौत रविवार को ही हो गई, जबकि डॉक्टर गोपी ने सोमवार सुबह दम तोड़ दिया। पुलिस ने मौके से इंजेक्शन, दवाइयां और अन्य संदिग्ध सामान बरामद किया है। शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। नरसारोपेट पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इस घटना के पीछे कोई और कारण या दबाव भी शामिल था।
Updated on:
30 Mar 2026 02:41 pm
Published on:
30 Mar 2026 02:41 pm
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
Hydrogen Train: 17 जुलाई से दौड़ेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, जानिए इसकी रफ्तार, किराया और खासियत

