सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से दलीलें पूरी कर ली गईं, लेकिन सोनिया गांधी की तरफ से पेश पक्ष की बहस अधूरी रह गई। इसी वजह से अदालत ने सुनवाई को आगे बढ़ाने का फैसला लिया। इससे पहले दिसंबर 2025 में विशेष न्यायाधीश ने इस याचिका पर विचार करने की अनुमति दी थी और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया गया था। अदालत ने कहा था कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे विस्तार से सुना जाएगा। हालांकि, पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट ने FIR दर्ज करने की मांग को खारिज कर दिया था, यह कहते हुए कि ऐसे मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप सीमित है।